Thursday , September 21 2017

हिन्दुस्तानी नोटबंदी से निपटने के लिए आतंकी हाफिज सईद का नया प्लान

 हाफिज सईद नई दिल्ली। भारत में नोटबंदी के फैसले से आतंकी संघठन तिलमिला गए हैं । जमात उद दवा प्रमुख हाफिज सईद ने नोटबंदी के बाद आतंकियों को अपनी रणनीति बदलने को कहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पैसे की कमी से उनके गुर्गे आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में नाकाम साबित हो रहे हैं

बैंक व एटीएम से नई करेंसी लूटकर करेंगे फंड का इंतजाम

इसी के चलते ये आतंकी गुट अब बैंकों को लूटकर नई करेंसी एकत्र करने की ताक में हैं। जम्मू कश्मीर में नोटबंदी की मार झेल रहे पाकिस्तान में मौजूद लश्कर व जैश के आतंकी आकाओं ने अपने गुर्गों को निर्देश दिया है कि वे बैंक,एटीएम से नई करेंसी लूटकर अपने फंड का इंतजाम करें। आतंकियों को कहा गया है कि वे अपने स्थानीय नेटवर्क को पूरी तरह सक्रिय करके नई करेंसी का इंतजाम करें। उन्हें यह भी भरोसा दिया गया है कि जल्द ही वित्तीय इंतजाम पूरे हो जाएंगे। खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों को सतर्क किया गया है। बैंकों की सुरक्षा पर खास ध्यान देने को कहा गया है। सूत्रों ने कहा कि रात में भी बैंकों की निगरानी करने,बैंकों के अलार्म दुरुस्त रखने और सभी जरूरी बिंदुओं पर सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

कॉल इंटरसेप्ट से हुआ खुलासा

खबर के मुताबिक, बैंकों में कैश ले जाने वाली वैन और एजेंसियों को भी निशाना बनाने की वारदात को अंजाम दिया जा सकता है। खुफिया एजेंसियों ने आतंकी गुटों की नापाक मंशा का पर्दाफाश करते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में कई ऐसी कॉल इंटरसेप्ट की गई हैं जिनसे आतंकियों की नापाक मंशा का पर्दाफाश हुआ है।

पैसों की कमी से भर्तियों पर लगी रोक

खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि आतंकी गुटों की गतिविधियां नोटबंदी के बाद से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। पैसों का लालच देकर की जा रही नई भर्तियों पर ब्रेक लगी है। सूत्रों ने कहा कि इसका असर पाकिस्तान के आतंकी कैंपों में भी हुआ है। आईएसआई पीओके के आतंकी कैंपों में कश्मीर मिशन के नाम पर तैयार किए जाने वाले आतंकियों को भारतीय करेंसी देती है। उन्हें असली व नकली नोट मिलाकर दिए जाते हैं। आतंकियों को कई बार खुद भी नहीं पता होता कि उन्हें जो नोट दिए गए हैं वे असली हैं या नकली। आठ नवंबर के बाद से उनकी पूरी योजना को चोट पहुंची है। बौखलाहट में वे नया तरीका तलाश रहे हैं।

हवाला के जरिये भेजते थे बड़ी रकम

मालूम हो कि आतंकवाद के नाम पर भारत में करीब 700 – 800 करोड़ रुपए की बड़ी रकम हवाला नेटवर्क के जरिए भेजे जाती थी। इसमें पूर्वोत्तर से लेकर कश्मीर तक भेजी जाने वाली रकम शामिल है। कश्मीर में अलगावादी गुटों को भी हवाला के जरिए 20 से 30 करोड़ रुपए भेजे जाते थे । अब आतंकी गुट नई नोटों के जल्द सर्कुलेशन में आने का इंतजार कर रहे हैं।

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