हंदवाड़ा व‌िवाद मामला पुल‌िस के दबाव मे आकर लड़की ने द‌िया था बयान

handwara_1460806717एजेंसी/हंदवाड़ा हत्याकांड में आया एक नया मोड़। पीड़ित लड़की की माँ ने दिया एक बयान, कहा मेरी बेटी और पति को जबरन पुलिस ने हिरासत में रखा है। वहीं माँ द्वारा उच्च न्यायालय में दायर याचिका को स्वीकारते हुए 20 अप्रैल को मामले की तारीख रखी गई है। इसके इलावा कांग्रेस ने भी हंदवाड़ा हत्याकांड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।

 उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में 12 अप्रैल को सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारे गए 2 युवकों के बाद भड़का यह बवाल थमता नहीं दिख रहा है। लगातार चौथे दिन कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। 

जहाँ एक ओर कुपवाड़ा जिले में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रही वहीं श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में भी कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रही। लेकिन इस सबके इलावा भी घाटी के कईं हिस्सों में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण भिड़ंत देखने को मिली। लगातार घाटी में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।वहीं इस घटना के पहले ही दिन पीड़ित लड़की के वायरल हुए वीडियो बयान जिसमें में किसी प्रकार की छेड़छाड़ का खंडन करती दिख रही है। आज उस लड़की की माँ द्वारा उस वीड‌ियो में कहीं बातों को नकार द‌िया है। उसकी माँ ने आज सिविल सोसाइटी से संपर्क कर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस देनी चाही लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा इसकी अनुमति नहीं देते हुए मीडिया से उन्हें मिलने से रोका गया।

इसके बाद सिविल सोसाइटी द्वारा लड़की की माँ का वीडियो बयान जारी किया है जिसमें वह साफ़ यह कहती दिख रही है कि उसकी बेटी से ज़बरदस्ती दबाव डालकर बयान दिलवाया गया है। माँ का यह भी आरोप है कि उसे पिछले 4 दिनों से अपनी बेटी और अपने पति से मिलने नहीं द‌िया जा रहा है। जिन्हे पुलिस द्वारा ज़बरदस्ती अपनी हिरासत में रखा गया है।

इस बीच कश्मीर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष और वरिष्ठ ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट एडवोकेट परवेज़ इमरोज़ द्वारा लड़की की माँ की ओर से उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई जिसे उच्च न्यायालय द्वारा स्वीकार ल‌िया गया।

एडवोकेट परवेज़ इमरोज़ ने बताया कि दायर याचिका में महिला ने कहा है कि उसकी बेटी से जबरदस्ती बयान दर्ज करवाया गया।  लड़की के वीडियो के वायरल होने के बाद उनकी सुरक्षा का मामला बना हुआ है। हाईकोर्ट द्वारा याचिका को स्वीकारते हुए कहा गया कि किस कानून के तहत इन तीनों को पुलिस द्वारा हिरासत में रखा गया है। साथ ही पुलिस को निर्देशित किया गया है कि लड़की को दोबारा किसी के सामने बयान ना दिलवाया जाए। 20 अप्रैल को मामले की तरीख तय करते हुए चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाने को भी कहा गया है।

गौरतलब है कि हंदवाड़ा में हुई स्थानीय लोगों की हत्याओं को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उस्मान मजीद की अगुवाही में श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया। हाथों में स्टॉप सिविलियन किलिंग्स के पोस्टर लेते हुए उन्होंने मौजूदा सरकार को निशान बनाया। इस अवसर पर उस्मान मजीद ने कहा कि हम उस पीडीपी से जो कश्मीरियों का हमदर्द होने का दावा कर रही थी से पूछना चाहते हैं कि आखिर हो क्या रहा है ?

साथ ही यह भी कहना चाहते हैं कि मेहरबानी करके यह सब बंद करें और कश्मीरियों का खून न बहाएं। इसके इलवा उन्होंने इस मामले में  जुडिशल इन्क्वायरी की मांग की। साथ ही साथ मृतकों के परिवार वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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