शहीद इंस्पेक्टर सुबोध के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री योगी, न्याय का दिलाया भरोसा

लखनऊ। बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों से गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की। इस मौके पर दिवंगत अधिकारी की पत्नी सुनीता और दोनों बेटे श्रेय और अभिषेक मौजूद रहे। श्रेय एमबीए और अभिषेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबोध सिंह के परिजनों से संवेदना जताते हुए हर संभव मदद करने के साथ ही न्याय का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को सभी प्रकार की सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया और इसके साथ ही कहा कि उनकी सरकार न केवल शिक्षा ऋण की जिम्मेदारी उठाएगी बल्कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी देगी।

परिजनों ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि हमें सरकार पर पूरा भरोसा है। मुख्यमंत्री ने हमें मदद का भरोसा दिलाया है।

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने जनता हॉल में प्रेस कॉफ्रेंस में कहा, “मुख्यमंत्री ने परिवार को जांच के बाद कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। शहीद के परिवार के साथ सरकार हर घड़ी खड़ी रहेगी। दोनों बच्चों की शिक्षा के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह अब सरकार की जिम्मेदारी है।”

सिंह ने आईएएनएस से कहा, “मुख्यमंत्री दुख की इस घड़ी पीड़ित परिवार के साथ हैं और हमेशा उनके साथ बने रहेंगे।”

सुबोध सिंह के बड़े बेटे श्रेय ने कहा कि सरकार ने न्याय का भरोसा दिया है।

बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के शक में हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह शहीद हो गए थे और एक नौजवान सुमित चौधरी की मौत हो गई थी।

मुख्य आरोपी कथित रूप से बजरंग दल का नेता योगेश राज अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने गोकशी के संबंध में दो एफआईआर में से एक एफआईआर के आधार पर योगेश राज द्वारा नामित चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।

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पुष्ट सूत्रों ने कहा, “लेकिन दूसरे एफआईआर में नामित विहिप, बजरंग दल और भाजपा के सदस्यों की गिरफ्तारी के संबंध में ‘कार्रवाई के स्तर पर कोई स्पष्टता’ नहीं है।”

आम आदमी पार्टी(आप) के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने कहा, “यह अब बिना किसी संदेह के प्रमाणित हो चुका है कि पुलिस जानबूझकर बजरंग दल के नेता के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि उनके भाजपा के साथ संबंध हैं।”

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योगेश ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर अपने आप को निर्दोष बताया था।

लड़की की मां गुरुवार को इस घटना का विवरण देते हुए पत्रकारों के सामने रो पड़ी।

कमल राठौर के पति आठ साल पहले गुजर चुके हैं।

स्कूल प्रबंधन ने घटना की जांच के लिए एक आंतरिक समिति बनाई है, जो दिल्ली पुलिस को इस मामले की रिपोर्ट सौंपेगी।

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