शनिवार को शुभ फल नहीं देता यह कार्य

l_shani-1460713873एजेंसी/16 अप्रेल 2016 को शनिवार है। इस दिन शुभ वि.सं.: 2073, संवत्सर नाम: सौम्य, अयन: उत्तर, शाके: 1938, हिजरी: 1437, मु.मास: रज्जब-8, ऋतु: बसंत, मास: चैत्र, पक्ष: शुक्ल है।

शुभ तिथि

दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि 11.19 तक, तदन्तर एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। दशमी तिथि में विवाहादि मांगलिक कार्य, गृहारम्भ, प्रवेश, यात्रा, सवारी, अलंकार व राजकीय कार्य और एकादशी तिथि में विवाहादि मांगलिक कार्यों सहित यज्ञोपवीत, चित्रकारी, देवोत्सव, यात्रा, प्रवेश, अलंकार व व्रतोपवास आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। दशमी तिथि में जन्मा जातक धनवान, प्रतिभावान, धर्म कार्यों का ज्ञाता, परोपकारी, कलाकार तथा व्यवहार कुशल होता है। 

नक्षत्र

अश्लेषा नक्षत्र सायं 5.17 तक, तदन्तर मघा नक्षत्र रहेगा। अश्लेषा नक्षत्र में शत्रु मर्दन, व्यापार, साहसिक व उग्र संज्ञक कार्य, अग्निविषादिक असद् कार्य और मघा नक्षत्र में पैतृक कार्य, वृक्ष, बीजादि रोपण, तालाब, कुआं आदि बनवाना व विवाहादि कार्य सिद्ध होते हैं। 

अश्लेषा व मघा दोनों ही गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र हैं। अत: इन नक्षत्रों में जन्मे जातकों के संभावित अरिष्ट निवारण हेतु आगे 27 दिन बाद जब इन्हीं नक्षत्रों की पुनरावृत्ति हो, उस दिन नक्षत्र शान्ति करा लेना जातकों के हित में होगा। 

अश्लेषा नक्षत्र में जन्मा जातक नेक कार्यों की नकल करने वाला, अहंकारी, झूठ का सहारा लेने वाला, आलोचक, क्रोधी, आचार-विचार की परवाह नहीं करने वाला तथा साधु-सन्तों से प्रेम करने वाला होता है। इनका भाग्योदय लगभग 30 वर्ष बाद होता है।

योग

शूल नामक नैसर्गिक अशुभ योग दोपहर 12.11 तक, तदन्तर गंड नामक नैसर्गिक अशुभ योग रहेगा। गंड नामक योग की प्रथम छह घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं।

विशिष्ट योग

दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभयोग संपूर्ण दिवारात्रि व ज्वालामुखी नामक अशुभ योग सायं 5.17 तक।

करण

तैतिल नाम करण प्रात: 10.37 तक, तदन्तर गरादि करण रहेंगे।

चंद्रमा

सायं 5.17 तक कर्क राशि में, इसके बाद सिंह राशि में रहेगा।

परिवर्तन

वक्री गुरु प्रात: 8.48 पर पूर्वाफल्गुनी नक्षत्र के द्वितीय चरण में प्रवेश करेगा।

व्रतोत्सव 

शनिवार को नवरात्रोत्थापन, धर्मराज दशमी, गुरु अंगददेव व गुरु हरिकिशन पुण्य दिवस (नवीन मत से) तथा सायं 7.35 से रात्रि 2.33 तक महापात रहेगा।

शुभ मुहूर्त

उक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार मघा नक्षत्र में विवाह व वधु-प्रवेश के शुभ मुहूर्त हैं।

वारकृत्य कार्य

शनिवार को यथा आवश्यक गृहप्रवेश, दीक्षा, मन्त्रग्रहण, सभी स्थिर कार्य, नौकरी, नौकर रखना, शस्त्र, मिथ्यालाप, धातु-लोह मशीनरी, कलपुर्जों के कार्य, व्यापार-व्यवसाय विचार आदि कार्य सिद्ध होते हैं। कृषि कार्य शुभ नहीं रहते।

दिशाशूल

शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी। अति आवश्यकता में कुछ उड़द के दाने खाकर शूल दिशा की अनिवार्य यात्रा पर प्रस्थान कर लेना चाहिए।

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