वेस्टइंडीज के विख्यात बल्लेबाज का हुआ निधन….

‘थ्री डब्ल्यू’ के नाम से विख्यात तिकड़ी के आखिरी बल्लेबाज एवर्टन वीक्स नहीं रहे. वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज सर वीक्स का बारबाडोस में 95 साल की उम्र में निधन हो गया. वीक्स को 2019 में हार्ट अटैक आया था और इसके बाद से ही उनकी तबीयत खराब थी. वीक्स ने सर क्लाइड वाल्कॉट और सर फ्रैंक वारेल के साथ मिलकर पचास के दशक में विश्व क्रिकेट का सबसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम तैयार किया था. उन्हें कैरेबियाई क्षेत्र में खेलों का ‘जनक’ भी कहा जाता है.

वीक्स के निधन पर वेस्टइंडीज क्रिकेट ने गहरा दुख जताया है. विंडीज क्रिकेट ने ट्वीट कर लिखा. ‘हम अपने ‘आइकन’ के चले जाने से दुखी हैं. दिग्गज, हमारे हीरो, सर एवर्टन वीक्स. हमारी संवेदना उनके परिवार, दोस्तों और दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए.. RIP’

बारबाडोस में जन्मी तिकड़ी में शामिल रहे दो अन्य दिग्गजों का पहले ही निधन हो चुका है. क्लाइव वाल्कॉट का 2006 में 80 साल की उम्र में निधन हुआ, जबकि फ्रैंक वॉरेल ने 1967 में महज 42 साल की उम्र में अंतिम सांस ली थी. वीक्स, वाल्कॉट और वॉरेल का जन्म बारबाडोस में अगस्त 1924 से लेकर जनवरी 1926 तक 18 महीनों के अंदर हुआ था. इन तीनों ने 1948 में तीन सप्ताह के अंदर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था.

ब्रिजटाउन का राष्ट्रीय स्टेडियम इन तीनों के नाम पर ‘थ्री डब्ल्यूज ओवल’ के नाम से जाना जाता है. वीक्स की टाइमिंग बहुत अच्छी मानी जाती थी. वह बहुत जल्दी गेंद की लेंथ पहचान लेते थे. उन्होंने 152 फर्स्ट-क्लास मैचों में 12010 रन बनाए. उनका बल्लेबाजी औसत 55.34 रही. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 36 शतक और 54 अर्धशतक लगाए. उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 304 रन रहा.

वीक्स ने 1948-1958 के दौरान 48 टेस्ट मैचों में 58.61 की औसत से 4455 रन बनाए. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 15 शतक और 19 अर्धशतक जमाए थे. उनका उच्चतम स्कोर 207 रन रहा. उनका 58.61 का एवरेज टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ दस औसत में शामिल है.

एवर्टन वीक्स के नाम एक अद्भुत रिकॉर्ड है. उन्होंने टेस्ट की लगातार पारियों में सर्वाधिक शतक (5) जमाए. उन पांच लगातार शतकों में उन्होंने पहला शतक 1948 में किंग्सटन में इंग्लैंड के खिलाफ (141 रन) लगाया और उसी साल अगली 4 पारियों में भी शतक जमाए, जो भारत के खिलाफ दिल्ली (128), मुंबई (194), कोलकाता (162, 101 दोनों पारी) में बने थे. वह छठी पारी में शतक जमाने के करीब थे, लेकिन मद्रास (चेन्नई) में खेले गए मैच में 90 रन पर आउट हो गए थे.

वीक्स ने ऑस्ट्रेलिया के जैक फ्रींगलटन और साउथ अफ्रीका के एलेन मेलविल को पीछे छोड़ा था, जिन्होंने क्रमश:1936 और 1939-1947 में लगातार चार पारियों में शतक जमाए थे. 2002 में राहुल द्रविड़ ने भी लगातार 4 टेस्ट पारियों में शतक जमाए, जो भारत की और से रिकॉर्ड है.

भारतीय गेंदबाजों को वीक्स ने हमेशा अपने निशाने पर रखा था. उन्होंने भारत के खिलाफ दस टेस्ट मैचों में 106.78 की औसत से 1495 रन बनाए, जिसमें 7 शतक शामिल हैं. वीक्स ने अपना सर्वोच्च स्कोर 207 रन भी भारत के खिलाफ 1953 में पोर्ट स्पेन में बनाया था.

क्रिकेट से संन्यास के बाद भी वीक्स खेल से जुड़े रहे. उन्होंने बतौर कोच, प्रशासक और मैच रेफरी की भूमिका निभाई. उन्हें 1995 में सर की उपाधि दी गई थी. वह आईसीसी हॉल ऑफ फेम के सदस्य भी थे. मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया. एमसीसी ने बयान में कहा, ‘सर एवर्टन वीक्स के निधन से एमसीसी और लॉर्ड्स में हर कोई दुखी है.’

वीक्स ने 22 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में पदार्पण किया और इसके दस साल बाद 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ पोर्ट आफ स्पेन में अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला था. क्रिकेट वेस्टइंडीज के अध्यक्ष रिकी स्किरिट ने कहा कि वीक्स एक भद्रजन और बेहतरीन इंसान थे. उन्होंने कहा, ‘उन्हें हमेशा वेस्टइंडीज के बेहतरीन क्रिकेटर के रूप में याद किया जाएगा. वह वास्तव में हमारी क्रिकेट के जनक थे. वह मशहूर डब्ल्यू तिकड़ी के आखिरी सदस्य थे.’

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