योगी को सीएम रहने का कोई नैतिक आधार नहीं,दें इस्तीफा :संजय सिंह

दिल्ली। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के अंदर अपराधीकरण लूट,डकैती, बलात्कार, अपहरण और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश में सिलसिलेवार मैंने आपको बताया कि ब्राहमण समाज के लोगों की हत्या के प्रदेश में अनेक मामले है।चाहे वह तीन बार के विधायक रहे निरवेन्द्र मिश्रा के हत्या का मामला हो, चाहे पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या का मामला हो, प्रभात मिश्रा जो 12वीं में पढ़ने वाला बच्चा था उसके फर्जी एनकाउंटर का मामला हो अथवा सीतापुर में कैलाश नारायण दीक्षित की हत्या का मामला। लगता है पूरे प्रदेश में ब्राह्मणों की हत्या की बाढ़ आ गई है।लेकिन आज जिस मामले को लेकर खुलासा करने जा रहा हूं।यह आपको हैरान कर देगा कि क्या ऐसा भी किसी राज्य में हो सकता है, जहां डीएमएसपी ही रंगदारी वसूलने में जुट जाएं और रंगदारी न देने पर हत्या करा दे। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो आमजन की सुरक्षा कैसे हो सकती है। महोबा में इंद्र कांत त्रिपाठी नाम के एक व्यापारी से डीएम और एसपी पांच-पांच लाख रुपये की रंगदारी वसूलते हैं।आपने अपराधियों के द्वारा रंगदारी वसूलने की घटना सुनी होगी लेकिन वाह रे उत्तर प्रदेश में योगी का राज! यहां पर अपराधी नहीं बल्कि डीएम और एसपी की ओर से रंगदारी की जा रही है।


    सत्र शुरू होने के पूर्व श्री सिंह संसद सोमवार को नार्थ एवेन्यू में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि
हत्या के 1 महीने पहले वह व्यापारी इंद्र कांत त्रिपाठी एक वीडियो बनाते हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार करते हैं कि योगी जी मुझको बचा लीजिए। आपके अधिकारी मेरी हत्या कर देंगे। एसपी उनकी हत्या करा सकते हैं। योगी जी जब आप से गुहार के बावजूद अधिकारी हत्या करा सकते हैं और आप कोई कार्रवाई नहीं कर पाए, उसकी जान नहीं बचा पाए।इसलिए उसकी मौत के सीधे जिम्मेदार आप है। मुख्यमंत्री जी जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश में हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। आपको अपने पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।आपको इस्तीफा दे देना चाहिए। कुल मिलाकर मैं यह कहना चाह रहा हूं कि डीएम और एसपी ही वहां गुंडे बन गए हैं। रंगदारी वसूलने और अपराधीकरण के आपने पूरे देश में बहुत मामले सुने होंगे। यह तो सुना होगा कि अपराधी रंगदारी वसूलते हैं लेकिन डीएम और एसपी रंगदारी वसूल रहे हैं और रंगदारी नहीं मिलने पर हत्या करवा दे रहे हैं। यह आप पहली बार सुन रहे होंगे। ताज्जुब यह भी है कि वह पुलिस वाला अभी खुलेआम घूम रहा है, उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई।
मेरे ऊपर 3 महीने में 13 मुकदमे दर्ज करा दिए।मेरा कार्यालय बंद करा दिया।रोज नोटिस भेजते हैं।परिवार को धमकाने के लिए पुलिस वाले घर आ जाते हैं।रास्ते में मुझे रात में रोक लिया जाता है लेकिन उत्तर प्रदेश में अपराधी स्वच्छंद होकर घूम रहे हैं।किसी को भी कहीं मार पीट सकते हैं किसी की हत्या कर सकते हैं। मांग रखी कि पूरे मसले में सबसे पहले पुलिस अधीक्षक और डीएम को गिरफ्तार किया जाए। इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए क्योंकि पुलिस के अधिकारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की पुलिस जांच नहीं कर सकती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सकता।जो वीडियो सामने है,उसके आधार पर योगी जी को मुख्यमंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने पत्रकारों को सीएम योगी से गुहार के लिए रिकॉर्ड वीडियो दिखाया और दो लोगों के बीच के वार्तालाप का ऑडियो भी सुनाया जिसमें एसपी के साथ डीएम की ओर से भी पांच-छह लाख रंगदारी की मांग का हवाला है।
    आप सांसद ने कहा कि पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहै है, लोगों का जीवन जा रहा है,दो मंत्री उत्तर प्रदेश में अपनी जान गवा चुके हैं। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश में योगी जी कोरोना घोटाला करने में लगे हुए हैं। उम्मीद करता हूं कि
कोरोना की महामारी में घोटाला जो वह केवल ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर तक सीमित नहीं है, पीपी किट में घोटाला,एनालाइजर खरीद में घोटाला हुआ है,आप लोगों के माध्यम से जनता के बीच में जाएगा।
योगी सरकार की ओर से विशेष बल के गठन के सवाल पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार आईपीसी,सीपीसी और सीआरपीसी से ऊपर हो गई है। किसी को कहीं भी और कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। मुझे भी गिरफ्तार कर ले,मैं कानून का सामना करने के लिए तैयार हूं।
श्मशान में दलाली खाने के मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब लोग कोरोना से मर रहे हैं। ऐसे समय में अगर आप ₹800 ऑनलाइन मिलने वाला ऑक्सीमीटर 4000 में खरीद रहे हैं, अगर आप 1800 रुपए में ऑनलाइन मिलने वाला थर्मामीटर 13000 में खरीद रहे हैं।योगी जी के राज में सात आठ सौ पर्सेंट दलाली चल रही है।इसलिए यह शमसान में दलाली है। कोरोना जैसी महामारी के वक्त में मोदी जी ने कहा था आपदा में अवसर तलाश कीजिए, तो आपदा में अच्छी तरीके से योगी जी ने अवसर तलाश लिया और उन्होंने इतना बड़ा घोटाला कर दिया।
  दिल्ली के दंगों में कार्रवाई को लेकर अपडेट के सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल्ली के दंगे भारतीय जनता पार्टी और उनके नेताओं ने कराए हैं और इनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। दंगे के पीछे भाजपा के नेताओं की साजिश है और इसके एक नहीं अनेक प्रमाण है लेकिन क्योंकि दिल्ली में भाजपा की ही पुलिस है ऐसे में भाजपा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कैसे कर सकती है।

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