मोदी ने रिक्‍शा के बदले मालिकों से मांगी देश के लिए एक भीख

download (30)एजेन्सी/गरीब तबके और दलितों के लिए बनी योजना स्टैंडअप इंडिया की आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा पहुंच कर औपचा‌र‌िक शुरूआत की। यहां पहुंचकर पीएम मोदी ने लोगों से चाय पर चर्चा की और इसके बाद उन्होंने ई-‌र‌िक्शा की सवारी की और मंच तक पहुंचे।

इस योजना के माध्यम से सरकार दलित महिलाओं या पुरुषों के लिए बैंकों में लोन लेना आसान कर रही है। ई-रिक्शा हो या अपना कोई काम करने की इच्छा, इस स्कीम के तहत आसानी से लोन पाया जा सकता है।

कार्यक्रम की श‌ुरूआत पीएम ने बाबू जगजीवन राम को पुष्प अर्पण करके ‌क‌िया। पीएम के साथ आगे की कतार में पीएम के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली, राज्यपाल राम नाइक, केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा, डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंस की सचिव अंजली दुग्गल, दलित चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के फाउंडर मिलिंद कांबले, भारतीय माइक्रो क्रेडिट के प्रबंध निदेशक विजय पांडेय, विधायक विमला बाथम और सपा के कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने ई-रिक्शा मालिकों से एक अनोखी भीख भी मांग ली। उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि ई-रिक्शा चालक उन्हें अपने बच्चों की शिक्षा की भीख दे दें। उन्होंने कहा क‌ि वो लड़‌क‌‌ियों को जरूर पढ़ाएं।

प्रधानमंत्री के भाषण की मुख्य बातें-
-इस योजना के तहत 2.5 दलित उद्यमियों का सृजन करेगी सरकार।
-जिस क्षेत्र में उद्यमी रहेगा वहीं के बैंक ब्रांच से मिलेगा लोन।
-स्टैंड अप इंडिया के तहत 1.25 बैंक शाखाएं देंगी लोन।
-लोन की प्रक्रिया DICCI के साथ मिलकर SIDBI पूरा करेगी।
-मोबाइल एप्लीकेशन को भी लॉन्च क‌िया ‘ओला ई-र‌िक्शा’।
-मोबा‌इल फोन से ही ई-र‌िक्शा बुलाइए और पेमेंट भी कर‌िए ऑनलाइन।
-ई-र‌िक्शा को चार्ज करने के ल‌िए एनर्जी बैंक भी बनाए गए हैं।
-एनर्जी बैंक सौर ऊर्जा से चार्ज होंगे। पीएम मोदी ने भी मंच तक पहुंचने के ल‌िए क‌िया ओला ई-र‌िक्शा का इस्तेमाल।
-वित्त मंत्री का अभिनंदन किया कहा कि अब मंत्रालय गरीबों के साथ जुड़ा है और ये इक्कीसवीं सदी की पहली घटना है।
-पहली बार देश की बड़ी आबादी ने बैंक का मुंह देखा है वो भी वित्त मंत्रालय के पहल की वजह से।
-जन-धन योजना के माध्यम से जो खाते खुले उनसे 35 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा पैसे जुटे।
-ई-र‌िक्शा वालों से मांगा बच्चों के श‌िक्षा की भीख।

स्टैंडअप इंडिया की योजना की शुरूआत करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने भाषण में बताया कि इस योजना के तहत गरीब तबके दलितों और महिलाओं को किस प्रकार की सुविधा मुहैया कराई जा रही है उसके बारे में बताया है।

इसके साथ ही पीएम मोदी ने इस महत्वकांक्षी योजना के लोगो और म‌ित्र पोर्टल का रिमोट दबाकर शुभारंभ किया। इस स्कीम के बारे में अरुण जेटली ने बताते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से सरकार महिलाओं और एससी एसटी वर्ग के लोगों को उद्यमी बनाना चाहती है। इस स्कीम की भावना है ‘करें प्रयास पाएं विकास’।

इस स्कीम के तहत सरकार विभिन्न बैंकों से नया उद्यम शुरू करने वाले लोगों को मुहैया कराई जाएगी। इस स्कीम के तहत 10 लाख से 1 करोड़ तक का लोन मुहैया कराया जाएगा।

पीएम मोदी ने सांकेतिक रूप से 10 ई-रिक्शा की चाबियों के साथ ही नया लोन लेने वाले कुछ उद्यमियों को लोन प्रदान किया और स्टैंडअप ‌इंडिया की शुरूआत की।

पीएम मोदी बाबू जगजीवन राम की जयंती के मौके पर उन्हें याद करते हुए ही अपने भाषण की शुरूआत की। पीएम ने जगजीवन राम की कृत्यों को याद किया और कहा कि वो एक ऐसे नेता थे जो मेरिट पर विश्वास करते थे।

इसके साथ ही विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जगजीवन राम जैसे लोगों को भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि शायद ही किसी ने पहले उनकी जयंती मनाई हो। मोदी ने ये भी कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी सरकार ने बाबूजगजीवन राम के जन्मदिवस पर ये कार्यक्रम किया।

इस अवसर इस स्कीम को लॉन्च करने का कारण भी बता डाला कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों का क्या होगा वो नौकरी का इंतजार ही करते रह जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने बोले कि हमें तो अवसर मिला लेकिन आदिवासी भाई-बहनों को अवसर नहीं मिला लेकिन वो भी वैसा ही काम कर सकते हैं जैसे हम अगर उन्हें अवसर दिया जाए। उन्हें किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

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