‘मुल्क है तो मजहब है’… तीन तलाक सामजिक मुद्दा, इसे धर्म या राजनीति से न जोड़ें

मुस्लिम राष्ट्रीय संयोजकआगरा। आगरा में मंगलवार से शुरू हुए मुस्लिम राष्ट्रीय संयोजक मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल ने कॉमन सिविल कोड पर मुस्लिमों को साथ लाने की बात कही। तीन तलाक के मामले में उन्होंने कहा कि यह एक सामजिक मुद्दा है। इसे धार्मिक या राजनैतिक मुद्दा न बनाया जाए। साथ ही उन्होंने वंदे मातरम का विरोध करने वालों की भी निंदा की। कहा-‘कहा ऐसा करना गलत है, मुल्क है तो मजहब है।’

मुस्लिम राष्ट्रीय संयोजक मंच  

‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ अधिवेशन के जरिए कॉमन सिविल कोड पर मुस्लिमों को साथ लाने के लिए माहौल बनाएगा।

अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस अधिवेशन को मंच की तरफ से मुस्लिमों को बीजेपी के पाले में लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच एक स्वतंत्र मुस्लिम संगठन है। यह भाजपा का संगठन नहीं है।

उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय अधिवेशन में मुस्लिम समाज से जुड़ी समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा होगी। मुस्लिम समाज के पिछड़ेपन को दूर करने और उन्हें मुख्य धारा में लाने के रास्तों पर भी विमर्श होगा।

उन्होंने कहा कि वे मुस्लिमों से अपील करेंगे कि सही व्यक्ति को ही चुनावों में वोट करें, चाहे वह किसी भी पार्टी का व्यक्ति क्यों न हो।

उन्होंने नोटबंदी के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि नोटबंदी की वजह से कश्मीर में पत्थर फेंकने वाले शांत हो गए। हालांकि जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या पत्थर फेंकने वालों पर भाजपा समर्थित सरकार रोक लगाने में फेल रही, तो वे बात को टाल गए।

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