मसूरी में हुई दिव्यांग क्रिकेट विश्व कप को लेकर बैठक

रिपोर्ट – सुनील सोनकर

मसूरी: क्रिकेट का जन्मदाता इंग्लैंड अगस्त माह में पहली बार दिव्यांग क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी करेगा। फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन आफ इंडिया (पीसीसीएआई) पहले विश्व कप के आयोजन को लेकर देश के दिव्यांग क्रिकेटरों में नया उत्साह देखा जा रहा है।

वहीं बीसीसीआई से फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन आफ इंडिया को मान्यता मिलने के बाद फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेटरों में खासा उत्साह है जिसको लेकर क्रिकेट एसोसिएशन फार फिजिकली चैलेंजड के नार्थ जोन के अध्यक्ष पदम सिंह चैहान के द्वारा मसूरी के एक होटल में पत्रकार वार्ता करते हुए बताया की एसोसिएशन को उन्नति की ओर अग्रसर करने के लिये सभी पदाधिकारी लगातार काम कर रहे हैं|

वहीं पिछले 32 सालों के बाद अब जाकर बीसीसीआई द क्रिकेट एसोसिएशन फार फिजिकल चैलेंजड आफ इण्डिया को मान्यता दे दी है व इससे पूर्व पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के दिव्यांग बोर्डो को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

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उन्होंने कहा कि अगस्त माह में इंग्लैंड में होने जा रहे हैं वर्ल्ड कप क्रिकेट फार फिजिकल चैलेंजड के लिए एसोसिएशन को दो करोड रुपए की भी दिये गए है |

उन्होंने कहा कि एसोसिएषन के द्वारा मुंबई में जोनल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्रिकेट के खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है जिनमें से सबसे अच्छे खिलाड़ियों को भारत की टीम के लिए चयनित किया जायेगा|

उन्होंने कहा कि उमेश कुलकर्णी फार्मर क्रिकेटर चयन कमेटी के अध्यक्ष है जिनकी देखरेख में पूरी चयन प्रक्रिया को किया जा रहा है उन्होंने कहा कि चयनित खिलाड़ियों का प्रशिक्षण धर्मशाला में आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगस्त में इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड कप मैच की पूरी तैयारी जोरो पर है और जल्द खिलाड़ियों का चयन करके उनकी ट्रेनिंग के लिए उनको धर्मशाला भेजा जाएगा उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से भी खिलाड़ियों का नाम चयन कमेटी में है और उम्मीद है कि उत्तराखंड से भी खिलाड़ी भारत की टीम में प्रतिनिधित्व करेंगे उन्होंने कहा की प्रतियोगिता होने से खिलाड़ियों के हुनर को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।

उत्तराखंड क्रिकेट टीम फार फिजिकल चैलेंजड के अध्यक्ष रूपचंद गुरू जी ने कहा जा खिलाडी 40 प्रतिषत विकलांग होगे उनकोएसोसिएशन के द्वारा प्लेटफार्म देकर उनके हुनर को निखारने का प्रयास किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन कि यूनिट प्रदेश के 13 जिलों में स्थापित होनी है जिनके माध्यम से जिलो से खिलाड़ियों का चयन करके राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभा कराया जाएगा और उनमें से जो बेहतर प्रदर्शन करेगा उसका चयन राष्ट्रीय स्तर के चयनकर्ताओं को भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि मसूरी में पिछले कई दशक से भिलाडू स्टेडियम को बनाया जाना है जिसको लेकर सरकार द्वारा घोषणा भी की जा चुकी है और उनको उम्मीद है कि जल्द सरकार इस दिषा में कदम उठाते हुए मसूरी के भिलाडू स्टेडियम के निर्माण की कार्रवाई को शुरू करेंगे|

 

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