भारत दुनिया का सबसे जवान देश

स्किललखनऊ। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज यहां कहा कि शीघ्र ही लोगों को घरों में अच्छे शिक्षकों से पढ़ने का अवसर मिलेगा। ऐसा संभव होगा डीटीएच व केबल टीवी के माध्यम से। इसमें कोई भी शिक्षक यदि किसी एक विषय में अच्छा है तो उसे भी पढ़ाने का अवसर मिलेगा साथ ही छात्रों को भी अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सकेगा। इसके लिए डीटीएच और केबल टीवी आपरेटर्स ने भी रुचि दिखाई है। साथ ही श्री जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चाहते हैं कि देश में अच्छी रिसर्च हो। इसके लिए हम प्रधानमंत्री स्कॉलर्शिप योजना को प्रभावी बनाएँगे जिससे देश के अच्छे ब्रेंस विदेश न जाकर यहीं पर नवीन खोजों को अंजाम दे सकें।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम ’जागरण कुलपति फोरम’-उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा: वर्तमान और भविष्य में शिरकत करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री ने विश्वविद्यालयों के उपस्थित कुलपतियों से अपील भी की कि देश की संपन्नता अच्छे रिसर्च और नवीन खोजों से ही संभव है। मंत्री ने कहा कि हम देश में मेधा को इसलिए नहीं रोक पाते क्योंकि उन्हें देश में चैलेंज नहीं मिलता जो विदेशों में मिल जाता है। भारत दुनिया का सबसे जवान देश है और यहां के लोगों की स्किल बहुत है। आज देश में 100 करोड़ मोबाइल फोन हैं जिसमें से 50 करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, और यही गांव के लोग अपनी स्किल से 16 डिजिट का नंबर स्वयं डाल कर अपना मोबाइल स्वयं रिचार्ज करते हैं, यही स्किल है जिसे हम और प्रवीणता प्रदान कर सकते हैं अपने सतत प्रयासों से।

कुलपतियों के फोरम में मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए हम उच्चतर अनुष्ठान और औद्योगिक इकाइयों को जोड़ेंगे। आने वाले 3 सालों में 20 हजार करोड़ रुपयों की सहायता से हाई क्लास रिसर्च इनफ्रास्ट्रक्चर देश में तैयार किए जाने की योजना है। साथ ही प्रयास है कि विदेशों में बसी भारतीय मेधा न सिर्फ भारत वापस आए बल्कि यहां निवेश भी करे जिससे मेक इन इंडिया के माध्यम से रिसर्च के लिए मजबूत इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सके।

जावड़ेकर ने कहा कि आज विश्व के सारे बड़े शोधों में शामिल टीमों में भारतीय हैं लेकिन भारत के नाम पेटेंट्स नहीं हो रहे। साथ ही उपस्थित शिक्षकों से कहा कि अच्छे विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को अपने संस्थान में हफ्ते दो हफ्ते के लिए बुलाना चाहिए और उन्हें सही से विकसित करने में मदद भी करनी चाहिए। जावड़ेकर ने कहा कि देश में शिक्षा की भलाई के लिए शिक्षकों और छात्रों में अच्छा संवाद हो। केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है कि देश में नवीन खोजों के लिए एक बेहतर वातावरण बने व यहां पर आधुनिक लैब हों। और अगर हम सिलेबस को आधुनिक नहीं करेंगे तो अच्छी शिक्षा कैसे दे पाएंगे।

उड़ी में 18 सैनिकों की हुई शहादत को याद करके केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक सैनिक की शहादत के बाद मैंने उसकी मां को बोलते सुना कि ये तो बेटे के सेना में जाने के बाद से ही एहसास था कि कभी भी शहादत हो सकती लेकिन ये दुख हुआ कि वो सोते हुए मर गया अगर बंदूक हाथ में लेकर मरता तो अच्छा होता। ये एक मां का कथन था। इसी भांति अगर हम सब मिलकर शिक्षा के विकास की ठानें तो बहुत जल्द हम भी देश में रिसर्च के क्षेत्र में अच्छे परिणाम दे सकते हैं।

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