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ये है डिजिटल इंडिया, भगवान का माल दबाना पड़ा महंगा

भगवान के नाम परजयपुर। पुजारी का काम होता है कि वह मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना करें, लेकिन एक पुजारी लंबे समय से भगवान के नाम पर राशन लेता रहा है। सबसे अहम बात यह है कि इस मामले की किसी को भनक तक नहीं लगी। दरअसल, पुजारी कृष्ण, गणेश और दूसरे देवी-देवताओं के नाम राशन कार्ड बनवा रखे थे। यह मामला राजस्थान के बारान जिले का है।

डिस्ट्रिक सप्लाई ऑफिसर शंकर लाल मीणा के मुताबिक, 70 वर्षीय बाबू लाल काजीखेर इलाके के एक मंदिर में पुजारी हैं और भगवान के नाम पर राशन उठा रहा थे। जबकि, बाबू लाल का दावा है कि यह कार्ड उसे 2015 में जारी किया गया था। इन फर्जी नामों वाले राशन कार्ड में 70 साल के मुरली मनोहर को घर का मुखिया बताया गया है। मुरली मनोहर, कृष्ण का ही एक नाम है। कार्ड में उनकी पत्नी के नाम की जगह ठकुरानी लिखा है, जिनकी उम्र 65 साल लिखी गई है। अधिकारियों ने तब दांतों तले उंगली दबा ली, जब उन्होंने मुरली मनोहर और ठकुरानी के बेटे के तौर पर 35 वर्षीय गणेश का नाम देखा।

इस मामले को देखते हुए फूड सप्लाई डिपार्टमेंट ने अपने अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया। इसके बाद ही बाबू लाल को एक नोटिस भेजकर उन सभी लोगों को हाजिर करने के लिए कहा गया, जिनके नाम पर वह सरकारी राशन की दुकान से राशन ले रहा था। अधिकारियों ने बताया कि बाबूलाल को पता भी नहीं था कि अब बायो-मैट्रिक मशीन लग गई है। हालांकि, बाबू लाल ने राशन कार्ड पर फर्जी नाम की बात स्वीकार कर ली है, और बताया है कि कार्ड पर लिखे सभी नाम भगवान के हैं। कार्ड के जिस सेक्शन में पता लिखा होता है, वहां पुजारी ने मंदिर का पता दे रखा था।

फिलहाल, कार्ड को सीज कर दिया गया है। अधिकारी यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह अभी तक कितनी बार इस कार्ड से राशन ले चुका है। अधिकारियों का कहना है कि बहुत से लोग राशन कार्ड में फर्जी नाम लिखवा देते हैं लेकिन बायो-मैट्रिक मशीन लग जाने से अब ऐसा कर पाना संभव नहीं होगा।

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