बच्चों के लिए लेना होगा फुल टिकट

indian-railway_landscape_1458213851एजेन्सी/रेलवे ने अप्रैल से बच्चों के हाफ टिकट की व्यवस्था खत्म कर दी है। इसके तहत पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे के स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में 5 से 12 साल तकके बच्चों का रिजर्वेशन कराने पर उनके लिए फुल टिकट लेना होगा। अगर, उन्हें बर्थ नहीं मिलती है तो टिकट हाफ ही रहेगा।

बुजुर्गों का कोटा 50 फीसदी तक बढ़ा
वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं व 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं के लिए रेलवे ने सीटों के कोटे में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है।  वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं व 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं के लिए रेलवे ने नई सुविधा शुरू की है, जिसके तहत उनके लिए ट्रेनों में 80 से 90 सीटें आरक्षित रहेंगी।

पहले शयनयान, एस टू टियर व थ्री टियर में बुजुर्गों के लिए दो सीटें रिजर्व रहती थीं, जिसे 2015 में बढ़ाकर 4 कर दिया गया और अब इसकी संख्या छह कर दी गई है, जबकि एसी टू व थ्री टियर में तीन सीटें रिजर्व रहेंगी। ऐसे ही राजधानी, दूरंतो व एसी गाड़ियों में कोटे की संख्या तीन से बढ़ाकर चार की गई है तथा मेल, एक्सप्रेस में लोअर बर्थ कोटे की संख्या तीन है।

इस माह से 139 पर कॉल से कैंसिल होगा टिकट
कन्फर्म रेल टिकटों को कैंसिल कराना अब और भी आसान कर दिया गया है। रेलवे मंत्रालय की नई सुविधा के तहत 139 पर कॉल कर अपना टिकट कैंसिल कराया जा सकेगा। इसके अलावा रिफंड के नियम भी सुधारे जाएंगे।

139 पर कॉल करने पर उन्हें वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मिलेगा, जिसे लेकर उसी दिन काउंटर पर पहुंचने के बाद रेलवे अधिकारी को दिखाना होगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इसकेलिए सॉफ्टवेयर तैयार हो चुका है और उम्मीद है कि अप्रैल केदूसरे सप्ताह में आधिकारिक रूप से इसे लांच कर दिया जाएगा।

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