पूर्वांचल में नदियों का रुख कम होने के बाद दोबारा जलस्‍तर में बढोतरी होने घरों में पानी घुसने से लोगों की बढ़ी चिंता

पूर्वांचल में नदियों का रुख कम होने के बाद एक बार दोबारा नदियों के जलस्‍तर में बढोतरी की आशंका में तटवर्ती चिंताग्रस्‍त हैं। रविवार को सरयू नदी के जलस्‍तर में मामूली बढोतरी होने के बाद सरयू का रुख दुश्‍वारी देने लगा है। जबकि गंगा के जलस्‍तर में कमी के बाद से तटवर्ती इलाकों में नदी कीचड़ छोड़ती जा रही है जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में गंदगी और संक्रामक रोगों के प्रसार का भी दौर शुरु हो चुका है। वहीं गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा के तटवर्ती कुछ घरों में पानी घुसने से लोगों की चिंता बढ़ी है।

बलिया जिले में इस समय गंगा का रुख घटाव की ओर है तो सरयू नदी का पानी स्थिर होने के बाद एक बार फ‍िर से मामूली रुप से बढ़ाव की ओर होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। जबकि नेपाल से पानी छोड़ने के बाद से ही कई जगहों पर कटान के हालात बन गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार आने वाले दिनों में हालांकि नदियों का रुख घटाव की ओर होने से राहत मिलेगी। जबकि बलिया में काफी लोग अपने घरों को छोड़कर बंधे पर बाढ़ उतरने की आस में टिके हैं। निचले इलाकों में पानी भरने के बाद जहां फसलें चौपट हो गई हैं वहीं पशुओं के लिए हरे चारे का संकट हो गया है।

नदियों का जलस्‍तर

केंद्रीय जल आयोग की ओर से साेमवार की सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार बलिया के तुर्तीपार में सरयू नदी 63.38 मीटर पर चेतावनी बिंदु पर स्थिर बनी हुई हैं। सोमवार की दोपहर केंद्रीय जल अायोग की रिपोर्ट के अनुसार मीरजापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया जिले में गंगा नदी का जलस्‍तर इस समय घटाव की ओर है। बलिया जिले में गंगा नदी 57.66 मीटर पर इस समय खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है। जौनपुर जिले में जहां गोमती नदी का जलस्‍तर स्थिर है वहीं सोनभद्र में सोन नदी और रिहंद बांध का जलस्‍तर लगातार बढ़ाव की ओर है।

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