पीपलीखेड़ा में हुई गीता की मौत के मामले में संशय फंसा

मेरठ : पीपलीखेड़ा में हुई गीता की मौत के मामले में संशय फंस गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैड इंजरी आयी है। मायके वालों की ओर से थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है। खरखौदा पुलिस ने मृतका के पति व पड़ोसी को हिरासत में ले रखा है। एसओ का कहना है कि पुलिस जांच करेगी और दोषी को जेल भेजेगी।

थाना खरखौदा क्षेत्र के गांव पीपलीखेड़ा निवासी मुकेश पुत्र सुरेन्द्र कार्यक्रमों में बैंड बाजे का काम करता है। शनिवार रात्रि वह किसी कार्यक्रम में बैंड बजाने गया था। रात्रि जब वह लौटकर आया तो उसे घर पर उसकी पत्नी नहीं मिली। आवाज देने पर पत्नी नहीं आई। बाहर निकलकर देखा तो उसे पत्नी आती हुई दिखाई दी, साथ में पड़ोसी रवि भी था। मुकेश को शक होने पर उसने रवि की वहीं पिटाई कर दी और सिर में डंडा मारकर घायल कर दिया। हंगामा होने पर रवि भाग गया। उसके बाद मुकेश पत्नी को अंदर घर में ले गया और उसकी जमकर पिटाई की। बंधक बनाकर उसको बेरहमी से पिटा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण गीता की मौत हो गई।

गीता की मौत हो जाने पर मुकेश ने ससुराल फोन किया और बताया कि गीता की अचानक तबियत खराब हो गई है। परिजन जब पहुंचे तो उनको गीता मृत पड़ी मिली। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर खरखौदा पुलिस पहुंच गई। मुकेश ने जबरन परिजनों से गीता की मौत हादसे के कारण हुई लिखवा लिया। छत से गिरने के कारण मौत का कारण बताया और पुलिस को लिखित समझौतानामा दे दिया। गीता के शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने पति व रवि को भी हिरासत में ले लिया।

इस बारे में खरखौदा एसओ विध्यांचल तिवारी से बात की गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैड इंजरी आयी है। पति व पड़ोसी को हिरासत में ले रखा हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
संवाददाता :- अक्षय कुमार

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