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शादी के बाद पत्नी की खुली पोल, कोर्ट ने जारी किया महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

पवित्र रिश्तामध्य प्रदेश। वैसे तो शादी एक अटूट बंधन है, पर कुछ लोगों के लिए यह पवित्र रिश्ता भी एक खिलवाड़ सा होता है. ऐसे ही रिश्तों के साथ खिलवाड़ करने का मामला छिंदवाडा से सामने आया है। दरअसल, छिंदवाडा में रहने वाली संध्या नाम की एक ठग महिला ने पति-पत्नी जैसे पवित्र रिश्ते को शर्मसार करते हुए पैसों की लालच में अब तक पांच शादियां की और बिना तलाक लिए दूसरे भोले भाले लोगों को अपनी जाल में फंसाती है।

इसी तरह रमेश चौकसे जो के वन विभाग के कर्मचारी है। जिनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो बेटियों की शादी हो गई और एक छोटा बेटा है। कुछ समय पहले परिवार वालों ने रमेश को दूसरी शादी करने की सलाह दी तो उन्होंने मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर विज्ञापन दिया।

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इस पर छिंदवाड़ा में रहने वाली संध्या और उसके परिजनों ने रमेश से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि संध्या (35) अकेली है। उसके पहले पति का निधन हो चुका है। दोनो परिजनों के रज़ामंदी से रमेश और संध्या ने 22 जुलाई 2015 को शादी कर ली।

पांचवी शादी बाद संध्या के कारनामें…

ज़िन्दगी अच्छे से गुज़र बसर हो ही रही थी, लेकिन कुछ महीनों बाद संध्या की बीती कहानी की पोल खुलनी शुरू हुई तो मालूम पड़ा कि संध्या इससे पहले चार शादियां कर चुकी है। रमेश उसका पांचवां पति है।

अचानक संध्या के तीसरे नंबर के पति की मुलाकात पांचवें नंबर के पति रमेश से हो गई फिर उसने संध्या को अपनी बीवी बताया। तब रमेश को पता चला के संध्या पहले से शादी शुदा है, फिर क्या, सच्चाई सामने आते ही संध्या ने पिछले चार पतियों की तरह पांचवे पति रमेश पर भी भरण-पोषण का केस दाखिल कर दिया। फिर रमेश ने सबूत पेश किए तो कोर्ट ने संध्या का गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए आईपीसी की धारा 494 के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

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संध्या की पहली चार शादियों की कहानी

संध्या किसी ट्रैवल एजेंसी में काम करती थी। इसी दौरान उसने प्रफुल्ल वर्मा से शादी की। उससे  एक बेटा भी हुआ । शादी के कुछ समय बाद प्रफुल्ल की मौत हो गयी जिसके समय चलते संध्या ने विजय रघुवंशी से शादी कर ली। विजय एक प्रॉपर्टी बिजनेसमैन था। छह माह बाद ही उन लोगों का आपस में झगड़ा हो गया था। विजय के पास दो एकड़ ज़मीन थी जिसे उसने संधया के नाम कर दी। झगड़े के चलते वह मायके चली गई। समय बीतते संध्या की मुलाकात आशीष सूर्यवंशी से हुई और फिर विजय से तलाक लिए बिना आशीष सूर्यवंशी से शादी कर ली। एक साल बाद उसने आशीष पर ज़्यादती के आरोप लगा दिए। वह गिरफ्तार तक हुआ। इस बीच संध्या ने दिनेश तराम से चौथी शादी कर ली। दिनेश को उसके कारनामे पता चले तो उसके खिलाफ भी संध्या ने ज़्यादती का केस दर्ज कर दिया। दिनेश ने किसी तरह से उसके चंगुल से निकला। फिर उसने रमेश को अपने चंगुल में फंसाया।

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