न्याय न मिलने से परेशान गैंगरेप पीड़िता ने दी जान, जांच में जुटी पुलिस

रिपोर्ट: बदायूं 

बदायूं में गैंग रेप पीड़िता ने न्याय न मिलने पर आत्महत्या कर ली। दरअसल एक रेप पीड़िता न्याय के लिए पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट थी परेशान हो चुकी थी,लेकिन पीड़िता की किसी ने नहीं सुनी, थकहार कर पीड़ित मौत को अपने गले लगा लिया।

पीड़िता के घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है सुसाइड नोट में पीड़िता ने अपने तीन भाइयो से भी माफी मांगी है। क्या है पूरा मामला ये खबर देखिये।

आत्महत्या

बदायूं जिले की कोतवाली दातागंज एक गांव में गैंग रेप पीड़िता ने न्याय न मिलने पर आत्महत्या कर ली। महिला के घर से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। दरअसल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने  वाली महिला बदायूं दवाई लेने जा रही थी तभी रास्ते मव गांव के ही तीन लोगों ने महिला को कहा कि उसके पति की तबियत खराब है उसने बुला है।

महिला तीनों आरोपी के साथ चली गई, तीन शातिर दरिंदे महिला उसके पति के पास ले जाने की बजाय सिकन्द्राबाद ले गए जहां उसके साथ कई दिन तक रेप किया। जैसे तैसे महिला बदायूं  के कोतवाली दातागंज पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई,लेकिन लापरवाह पुलिस महिला की बात न सुनते हुए थाने भगा दिया।

महिला एसएसपी के ऑफिस पहुंची वहाँ भी उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। इससे परेशान होकर महिला ने आज आत्महत्या कर ली और सुसाइड नोट लिख एसएसपी से न्याय दिलाने मांग की है।

मामले में एसएसपी का कहना है कि  कोतवाली दातागंज इलाके के एक गांव से सूचना मिली थी एक विवाहिता ने आत्महत्या कर ली है। सूचना पर मौके पर अधिकारियों गए तो वहां पर पता चला कि दो साल स मायके में रह रही थी। महिला ने सुसाइड नोट भी मिला है जिसमे तीन लोगों पर आरोप लगाया है वह आंध्रप्रदेश के सिकन्द्राबाद ले गए जहां उसके साथ घटना को अंजाम दिया।

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फिर वहां से दिल्ली ले थे तभी उसने घरवालों को सूचना दी और मौका पाकर घर वापस लौट आई। पीड़िता 12 तारीख एडीजी जॉन  से मिली इसके बाद 14 तारीख को पीड़िता  सीओ दातागंज से मिली जिसकी एफआईआर 16 तारीख  दर्ज हो गई है। एसएसपी का कहना कि महिला जिस दिन घटना बता रही थी सगे भाई के साले के साथ रह रही थी।

पुलिस तमाम पहलुओं पर पड़ताल कर रही हैं। जांच में जो भी निकल कर आएगा उसके आधार पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।रेप पीड़िता के आत्महत्या करने पर पुलिस पर तमाम सवाल उठना शुरू हो गए हैं। अगर पीड़िता की एफआईआर दर्ज थी उसने आत्महत्या क्यों की।एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कोतवाली ने आरोपियों गिरफ्तारी क्यों नहीं की। सबसे बड़ा सवाल क्या लापरवाह कोतवाली पर कार्यवाही कब होगी।

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