निर्मोही अखाड़ा के साथ-साथ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती बातचीत के फैसले के खिलाफ

ज्योतिष और द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती पिछले दो महीने से वाराणसी में ही है। बुधवार सुबह उनके शिष्य स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी महाराज का आचार्य महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेकम हुआ। इसी दौरान शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि पर ही आराध्य देव रामलला का मंदिर बनेगा। इसके अलावा कहीं भी मंदिर का निर्माण स्वीकार नहीं है। न्यायालय का जो फैसला आएगा, उसके बाद इस पर विचार किया जाएगा।

निर्मोही अखाड़ा

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीराम मंदिर 100 करोड़ सनातन धर्मियों की आस्था से जुड़ा हुआ है। रमजान में चुनाव पर मुस्लिमों की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि हम लोगों के पर्व पर भी चुनाव पड़ता है, यह भी एक पर्व ही है।

उन्होंने कहा कि चुनाव में मतदाता को चेहरा देखकर नहीं, बल्कि घोषणा पत्र के आधार पर मतदान करना चाहिए। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी करके किसानों, गरीबों और कारोबारियों को परेशान कर दिया, ऐसा नहीं करना चाहिए।

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आतंकवाद के खिलाफ अभियान को सराहा और शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि इसे सख्ती के साथ चलाकर आतंकियों का सफाया करना चाहिए। चीन के सबूत मांगने पर उन्होंने कहा कि जो भी आतंकवाद के पोषक हैं उनका विरोध करना चाहिए।

आतंकवादियों के लिए राहुल गांधी द्वारा सम्मान सूचक शब्द के प्रयोग पर कहा कि यह वाणी का स्खलन है। जिसको हमेशा सम्मान और जी के साथ बोलने की आदत है, वह हमेशा वैसे ही बोलेगा।

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