नारी शक्ति : ये चुनाव रहा महिलाओं के नाम, 76 महिलाएं पहुंचीं संसद !

2019 लोकसभा चुनाव की गिनती निपट गई है और उम्मीदवारों की जीत-हार का फैसला भी हो गया है. चर्चा में बीजेपी है जिसने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए अपने 300 से ज्यादा उम्मीदवारों को संसद पहुंचाया.

इस चुनाव में कई रिकॉर्ड बने हैं जिन्हें इतिहास में याद किया जाएगा. जैसे कि नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता, एनडीए को 300 से ज्यादा सीटें, तकरीबन डेढ़ दिन तक रुझान, क्षत्रपों की ऐसी दुर्गति, बंगाल में बीजेपी और भगवा का प्रभाव आदि आदि. मगर इन सब के बीच जो रिकॉर्ड सबसे यादगार रहा वो है सर्वाधिक 76 महिलाओं का संसद पहुंचना.

महिलाएं तो पहले भी संसद में जाती रही हैं लेकिन इस बार खास इसलिए है क्योंकि देश के दो छोटे राज्यों ने अपनी आबादी और क्षेत्रफल से आगे बढ़कर ज्यादा महिलाओं को संसद भेजा. ये दो राज्य पश्चिम बंगाल और ओडिशा हैं. बंगाल में टीएमसी और ओडिशा में बीजेडी का राज है.

इन दोनों पार्टियों (भले ही क्षेत्रीय हों) ने सचमुच ‘महिला आरक्षण’ का प्रबंध किया और ज्यादातर भागीदारी निभाने में मदद की. बीजेडी ने 41 फीसदी और टीएमसी ने 33 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया. बीजेपी और कांग्रेस ने भी महिलाओं को संसद पहुंचाया लेकिन टीएमसी और बीजेडी का नाम इसलिए अहम है क्योंकि बंगाल और ओडिशा से महिलाओं की भागीदारी इन पार्टियों के चलते बढ़ गई है.

 

ओडिशा से 8 महिला सांसद

ओडिशा में बीजेडी ने 21 सीटों पर 7 महिलाओं को चुनाव लड़ने का मौका दिया. इनमें 6 जीतने में कामयाब रहीं. ओडिशा के लिए अच्छी बात ये रही कि यहां बीजेपी ने भी दो महिला सांसद दिए. इस हिसाब से ओडिशा से 8 महिला सांसदों की इस बार भागीदारी बनी है.

बीजेडी से विजेता महिला सांसदों में अस्का सीट से प्रमिला बिसोयी, भद्रक से मंजूलता मंडल, जगतसिंहपुर से राजश्री मलिक, जयपुर से शर्मिष्ठा सेठी, क्योंझर से चंद्रमणि मुर्मू और कोरापुट से कौशल्या हिकाका के नाम शामिल हैं. ओडिशा से बीजेपी ने भी दो सांसद दिए हैं जिनमें भुवनेश्वर सीट से अपराजिता सारंगी और बोलनगीर से संगीता कुमारी सिंह देव के नाम शामिल हैं.

 

महिला सांसद देने में बंगाल अव्वल

बंगाल में कुल 42 लोकसभा सीटें हैं जिनमें 14 महिलाएं इस बार जीत कर संसद पहुंची हैं. इनमें 11 टीएमसी से और 3 बीजेपी से हैं. टीएमसी ने बंगाल में 17 महिलाओं को टिकट दिया जिनमें 11 को जीत हासिल हुई हैं. इसके अलावा तीन महिला सांसद बीजेपी से हैं.

टीएमसी से जिन महिलाओं ने जीत दर्ज की उनमें बारासात सीट से काकोली घोषदस्तीदार, आरामबाग से अपरूपा पोद्दार, बर्धमान दुर्गापुर से ममताज संघमित्रा, बसीरहाट से नुसरत जहां रूही, बीरभूम से शताब्दी रॉय, दमदम से सौगत रॉय, जॉयनगर से प्रतिमा मंडल, कोलकाता दक्षिण से माला रॉय, कृष्णानगर से महुआ मोइत्रा और उलुबेरिया से सजदा अहमद के नाम शामिल हैं.

बंगाल में इसके अलावा बीजेपी ने भी अपने तीन सांसद बनाए. इनमें हुगली से लॉकेट चटर्जी, मालदा दक्षिण से श्रीरूप मित्र चौधरी और रायगंज सीट से देबाश्री चौधरी.

 

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यूपी से 10 महिला सांसद

यूपी में 80 लोकसभा सीटें हैं जिनमें 10 महिलाएं सांसद बनी हैं. इनमें 9 बीजेपी से और एक नाम सोनिया गांधी का रायबरेली से है. अमेठी से स्मृति इरानी, इलाहाबाद से रीता बहुगुणा जोशी, बदायूं से संघमित्रा मौर्य, धौरहरा से रेखा वर्मा, लालगंज से संगीता आजाद, मथुरा से हेमा मालिनी, फूलपुर से केसरी देवी पाटील, सुल्तानपुर से मेनका गांधी और फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति विजेताओं में शामिल हैं.

इसके अलावा आंध्र प्रदेश में अराकू से गुड्डेती माधवी, अमलापुरम से चिंता अनुरुद्ध, अनाकापल्ली से बीवी सत्यवती और काकीनाड से वंगा गीता सांसद बनी हैं. झारखंड के कोडरमा से अन्नपूर्णा देवी और सिंहभूम से गीता कोरा सांसद बनी हैं. एक बीजेपी और दूसरी महिला सांसद कांग्रेस से हैं.

पंजाब में बटिंडा से शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर और पटियाला से कांग्रेस की प्रीणित कौर जीती हैं. उधर तमिलनाडु में करूर से कांग्रेस की ज्योतिमणि एस, दक्षिण चेन्नई से डीएमके की सुमति और थूट्टूकुडी से डीएमके की कनिमोझी जीती हैं.

राजस्थान में भरतपुर से बीजेपी प्रत्याशी रंजीता कोली, दौसा से बीजेपी प्रत्याशी जसकौर मीणा और राजसमंद से बीजेपी की दीया कुमारी ने जीत हासिल की है. छत्तीसगढ़ में कोरबा से कांग्रेस की ज्योत्सना चरणदास महंत, रायगढ़ में बीजेपी से गोमती साई और सरगुजा में बीजेपी से रेणुका सिंह चुनाव जीती हैं. उधर बिहार में शिवहर से बीजेपी की रमा देवी, सीवान में जेडीयू से कविता सिंह और वैशाली में एलजेपी से वीणा देवी जीती हैं.

मध्य प्रदेश में भींड से बीजेपी की संध्या राय, भोपाल से बीजेपी की साध्वी प्रज्ञा सिंह, शहडोल से बीजेपी की हिमाद्री सिंह और सिधी में बीजेपी की रीति पाठक ने जीत हासिल की.

गुजरात में भावनगर से बीजेपी की भारती शियाल, जामनगर से बीजेपी की पूनमबेन माडम, महेसाना में बीजेपी से शारदाबेन पटेल, सूरत में बीजेपी की दर्शन जरदोस और वडोदरा में बीजेपी की रंजनाबेन भट्ट ने जीत दर्ज की.

महाराष्ट्र में बारामती से कांग्रेस की सुप्रिया सुले, डिंडोरी से बीजेपी की भारती पवार, मुंबई नॉर्थ सेंट्रल में बीजेपी की पूनम महाजन, नंदूरबार से बीजेपी की हिना विजयकुमार और रावेर में बीजेपी की रक्षा खड़से जीती हैं. संघ शासित प्रदेशों में कुल 13 सीटें हैं जिनमें दो महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. इनमें एक चंडीगढ़ से किरण खेर और दूसरी नई दिल्ली से बीजेपी की ही मीनाक्षी लेखी ने जीत हासिल की है.

 

724 महिला उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला

लोकसभा चुनाव में 724 महिला उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला हो गया है. संसदीय चुनाव में कुल 7,928 उम्मीदवार मैदान में थीं. विपक्षी कांग्रेस ने अधिकतम 54 महिलाओं को जबकि सत्तारूढ़ बीजेपी ने 53 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा.

अन्य राष्ट्रीय पार्टियों में, बहुजन समाज पार्टी ने 24 महिला उम्मीदवारों को, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने 23, माकपा ने 10, भाकपा ने चार, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था.

इस बार 222 महिलाओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ा. चार ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी निर्दलीय चुनाव लड़ा. आम आदमी पार्टी एकमात्र पार्टी थी जिसने एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारा.

 

1977 में सबसे कम 19 महिलाओं ने जीता था चुनाव

देश में पहले लोकसभा चुनाव से ही महिलाएं ने राजनीति में भाग लेना शुरू कर दिया था, वक्त के साथ-साथ इस तादाद में बढ़ोत्तरी होती गई. पहली लोकसभा में 22 महिलाएं चुनकर आईं थीं, 1977 में ये आंकड़ा सबसे कम रहा, 1977 में केवल 19 महिलाएं ही चुनाव जीतीं थीं.

हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं की संख्या बढ़कर 11 प्रतिशत तक पहुंची. इस चुनाव में 62 महिलाएं जीतीं. जबकि इस बार 2019 में सर्वाधिक 76 महिलाएं निर्वाचित हुई हैं. इस प्रकार देश में पहली लोकसभा से लेकर अब तक 19 महिला सांसदों से बढ़कर आंकड़ा 76 तक पहुंचा है.

 

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