नरेंद्र मोदी बोले, केरल में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच समझौते की राजनीति

नरेंद्र मोदीकासरकोड (केरल)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केरल के दूसरे चरण के प्रचार की शुरूआत कर दी। प्रधानमंत्री ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यहां अब तक यूडीएफ और एलडीएफ की समझौते और अनुबंध की राजनीति का शासन रहा है। यहां दोनों ही पक्षों ने राज्‍य के शिक्षित मतदाताओं का अपमान किया है।

नरेंद्र मोदी की केरल में रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां एक चुनावी सभा में कहा कि केरल में राजनीति का एक नया मॉडल आया है। यह एक-दूसरे को बचाने के लिए तालमेल, समझौते, भ्रष्टाचार और अनुबंध की राजनीति है। राज्य में एलडीएफ और यूडीएफ दोनों पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि यूडीएफ और एलडीएफ के बीच करार का शासन है। पांच साल तक तुम शासन करो और अगले पांच साल हम शासन करेंगे। इसी तरह से यह दोनों मोर्चे राज्य की सत्ता में लौटते रहे हैं।

यहां पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और माकपा के बीच के गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों ही दल केरल के शिक्षित लोगों का ‘अपमान’ कर रहे हैं। लोगों को दोनों दलों की तालमेल की राजनीति को समझना चाहिए।

पीएम मोदी ने माकपा की हिंसा की राजनीति पर भी निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए मार्क्‍सवादी पार्टी के नेतृत्व वाले एलडीएफ की ओर से बनाए गए उम्मीदवार कई वर्ष पहले थालासेरी में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के मामले में आरोपी बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस के नेता माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जाने वाली हिंसा की बात करते हैं लेकिन जब वे पश्चिम बंगाल में जाते हैं तो कहते हैं कि सिर्फ कम्युनिस्ट लोग ही पश्चिम बंगाल को बचा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह राज्य के शिक्षित लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या वे एक ही समय पर दो जगहों पर दो भाषाएं बोलने वाले दलों पर यकीन करेंगे? उन्होंने कहा कि यह चुनाव इस बारे में नहीं है कि केरल में सरकार कौन बनाएगा। यह इस बारे में है कि केरल को कौन बचाएगा और कौन केरल के युवाओं को रोजगार देगा और कौन उनके भविष्य को सुरक्षित बनाएगा?

तीन दिनों में होंगी 5 रैलियां

बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी की 8 से 11 मई तक केरल के अलग-अलग इलाकों में 5 रैलियों रखी हैं। प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी आज से केरल के 2 दिनों के दौरे पर है। इससे पहले बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी केरल के कई राज्यों में चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं।