‘नए ज़माने’ के साथ चलते चंद्रशेखर राव का प्रेज़ेंटेशन कांग्रेस को लग रहा है ‘खतरा’

एजेन्सी/  kcr_650x400_51459422323हैदराबाद: अगर देखा जाए कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) आईटी हब कहलाने वाले हैदराबाद में बैठे हैं, तो उनका उठाया गया यह कदम कतई भी अनूठा नहीं लगेगा कि चुनावों के दौरान किए अपने वादों को लेकर वह विधानसभा में एक 3डी पॉवरप्वाइंट प्रेज़ेंटेशन पेश कर रहे हैं… अब भले ही 62-वर्षीय मुख्यमंत्री नए वक्त के साथ चलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ विपक्षी कांग्रेस का कहना है कि वह ऐसा कतई नहीं चाहती…

तेलंगाना विधानसभा की 119 में से 21 सीटें जीतने वाली कांग्रेस राज्य की सिंचाई परियोजनाओं को लेकर तैयार की गई इस प्रेज़ेंटेशन में भाग नहीं ले रही है, क्योंकि उनके मुताबिक यह ‘विधानसभा की मान्य परंपराओं के खिलाफ’ है, और इससे गलत उदाहरण प्रस्तुत होगा। विधानसभा में तीन सदस्यों वाला अन्य विपक्षी दल तेलुगूदेशम पार्टी (टीडीपी) भी प्रेज़ेंटेशन का बहिष्कार कर रही है।

कांग्रेस का कहना है कि अगर केसीआर इस तरह प्रेज़ेंटेंशन देंगे, तो विधानसभा में अच्छे और पारंपरिक तरीके से होती आ रही बहसें भी भविष्य में शुरुआत से ही तकनीकी वाद-विवाद में उलझकर रह जाएंगी।

गौरतलब है कि तेलंगाना के गठन के बाद वर्ष 2014 में पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जबकि अविभाजित आंध्र प्रदेश में कांग्रेस ने काफी सालों तक सत्ता संभाली।

वैसे, तेलंगाना के विधायक इससे पहले भी इसी सप्ताह सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने अपने वेतन को 160 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव एकमत से पारित किया था। इस कदम को लेकर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था, क्योंकि उनके राज्य के किसान कर्ज़े और सूखे से जूझ रहे हैं, और जब से राज्य का गठन हुआ है, 2,100 से भी ज़्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

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