तीन सालों में बरेली में तीन ब्राह्मणों को दिया असलहा लाइसेंस, 510 ने किया था आवेदन

तीन सालों में बरेली में तीन ब्राह्मणों को असलहा लाइसेंस दिया गया। जबकि 510 ब्राह्मणों के आवेदन निरस्त किए गए। सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने शासन को तीन सालों का लेखा जोखा भेजा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र से पहले सुल्तानपुर के विधायक देवमणि द्विवेदी ने ब्राह्मणों के खिलाफ हो रहे अपराधों को लेकर योगी सरकार से सवाल किया है। उन्होंने विधानसभा सचिवालय को नोटिस दिया है। आगामी सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सदन में इसपर जवाब देने की मांग की है।

विधानसभा सचिवालय को भेजे गए अल्पकालिक सवाल की सूची में देवमणि द्विवेदी ने सरकार के गृह विभाग से पूछा है कि प्रदेश में बीते तीन सालों में कितने ब्राह्मणों की हत्या हुई है। इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा है कि तीन साल की अवधि में कितने अपराधी गिरफ्तार हुए हैं और कितने अपराधियों को पुलिस सजा दिलाने में सफल हुई है। उन्होंने यह भी पूछा कि कितने ब्राह्मणों ने असलहा के लिए आवेदन दिए और कितनों को असलहा दिया गया। गृह विभाग ने बरेली समेत सभी जिले जिलों से ब्यौरा तलब किया है।

अपराध और सजा दिलाने की जानकारी देगा एसएसपी ऑफिस

बरेली असलहा बाबू अनुराम मिश्रा ने पिछले तीन सालों के दस्तावेज देखने के बाद रिपोर्ट लगाई कि 513 ब्राह्मणों ने लाइसेंस चाहा था। तीन लोगों के लाइसेंस स्वीकृत हो सके। बाकी किसी ने किसी आधार पर निरस्त कर दिए गए। सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार की तरफ से यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वहीं ब्राह्मणों के खिलाफ हुए अपराध, आरोपियों को सजा और बाकी जानकारी एसएसपी कार्यालय की तरफ से भेजी जा रही है।

शासन से जानकारी तलब की गई है। पूरा ब्यौरा तैयार करवाकर भिजवाया गया है। पूछे गए समय अंतराल में तीन ब्राह्मणों को असलहा लाइसेंस जारी किया गया है।

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