यहां घूमने का मतलब है ट्रिप के साथ-साथ हो जायेगी तीर्थयात्रा भी

नई दिल्ली। कहीं घूमने जाने के प्लान से ही हमारे मन को शांति मिलने लगती है। तो घूमने-फिरना किसे पसंद नहीं होगा। जैसे ही छुट्टियां मिलती हैं हम बाहर घूमने का प्लान बनाने लगते हैं, इसके साथ कई बार ऐसी जगहों के बारे में सोचते है जहां पर घूमने के साथ-साथ तीर्थयात्रा भी हो जाएं। जैसा की हम सभी जानते हैं।

आज हम आपको ऐसी ही एक जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर छुट्टी मनाने के साथ आप धार्मिक स्थलों का भी भरपूर मज़ा ले सकते है। बता दे कि, मध्य भारत में स्थित इस प्रदेश को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है। पहाड़ियों के बीच में बसे इस शहर की खुबसूरती देख कर आपका मन यहां से जाने को ही नहीं करेगा। यहां पर मौजूद हरी-भरी घास, जामुन, साज, साल, चीड़, देवदारु, सफेद ओक, यूकेलिप्टस, गुलमोहर और जेकेरेंडा के सुंदर पेड़ो को देख कर आप हैरान रह जाएंगे।

महादेव का मंदिर
पंचमढ़ी को भगवान महादेव का दूसरा घर कहा जाता है। शायद इसलिए यहां पर आपको सबसे ज्यादा महादेव के मंदिर देखने को मिलते है। पुरानी कथाओं के अनुसार यहां पर भगवान शिव ने भस्मासुर को वरदान दिया था जिसके कारण उन्होंने इस जगह पर शरण ली थी। उनकी शरण लेने वाली जगहों यानि उनकी पांच मढ़ी पर इस जगह का नाम पंचमढ़ी पड़ गया।

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पंचमढ़ी के जंगल
राष्ट्रीय उद्यान का भाग होने के कारण आपको यहां पर चारों तरफ जंगल ही जंगल दिखाई देंगे। यहां पर बनी गुफा बहुत ही पुराने समय की है। इस स्थान की खोज 1862 में कैप्टन जे. फॉरसोथ ने की थी। यहां के जंगलों में आपको बाघ, तेंदुआ, सांभर, चीतल, गौर, चिंकार और भालू आदि बहुत से जंगली जानवर देखने को मिल सकते है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां का मौसम हमेशा ही ठंडा रहता है।

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पंचमढ़ी के झरने
यहां पर देखने के लिए आपको बहुत से झरने मिल जाएंगे। पिकनिक स्पॉट के नाम से मशहूर बी फॉल्स झरने ऊंचाई से गिरते समय बिलकुल मधुमक्खी की तरह लगता है। इसके अलाव घूमने के लिए यहां पर डचेज फॉल भी है। जहां पर जाने के लिए आपको करीब डेढ़ कि.मी चलना पड़ता है। जिसमें से करीब 700 मीटर की रास्ता पहाड़ की ढलान और घने जंगल से होते हुए निकलता है।

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