टीम ने विकास दुबे के घर में मारा छापा भाई फरार, भाभी के पास मिली रिवॉल्वर और…

कानपुर एनकाउंटर मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में 100 से ज्यादा टीमें छापेमारी कर रही हैं. इसी क्रम में एक टीम ने लखनऊ में विकास दुबे के घर पर छापेमारी की. कृष्णानगर इलाके में इंद्रलोक कॉलोनी विकास दुबे का घर है. लेकिन पुलिस को यहां नौकर के सिवाय कोई नहीं मिला. यहां सघन तलाशी और कुछ पेन ड्राइव आदि जब्त करने के बाद पुलिस ने पास ही स्थित विकास के भाई दीप के घर छापा मारा. यहां दीप की पत्नी के पास रिवाल्वर बरामद हुई. दावा किया गया है कि ये लाइसेंसी है. पुलिस अब रिवाल्वर के लाइसेंस की जांच करवा रही है.

घटना के बाद से ही घर से फरार हुआ भाई

वहीं घर पर विकास का भाई दीप नहीं मिला, पता चला कि घटना के बाद से ही वह घर से निकल गया और लौटकर नहीं आया है. उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बता रहा है.  पुलिस के अनुसार विकास के घर पर दबिश के दौरान नौकर मिला. यहां तलाशी ली गई. पता चला कि विकास दुबे अपनी पत्नी, दो बेटों के साथ रहता था. इसके अलावा पुलिस टीम ने लखनऊ में कई अन्य जगह विकास की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर रेड की लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी.

2017 में लखनऊ में हुआ था गिरफ्तार

बता दें 2017 में विकास दुबे अपने इसी मकान से कृष्णानगर पुलिस द़्वारा गिरफ्तार किया गया था. विकास के खिलाफ लखनऊ के अन्य थानों में दर्ज मुकदमों का ब्यौरा भी खंगाला जा रहा है.

चौबेपुर थाने के दरोगा, सिपाही रडार पर

उधर पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में जांच एक साथ कई दिशाओं में चल रही है. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके शूटर गैंग ने जिस तरह से जघन्य हत्याकांड को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया, उसने पुलिस विभाग की गोपनीयता पर सवाल खड़े किए हैं. अधिकारियों को आशंका है कि पुलिस महकमे के ही किसी भेदिए ने चौबेपुर थाने से फोर्स के चलने और गांव पहुंचने तक पल-पल की मूवमेंट की जानकारी विकास दुबे को दी थी.

मोबाइल कॉल डिटेल का हो रहा इंतजार

इसी की जांच में शक के आधार पर चौबेपुर थाने के एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है. सूत्रों के अनुसार मेाबाइल कॉल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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