जानिए क्या अपना किला बचा पाएगी शिवसेना…

नई दिल्ली  : महाराष्ट्र की कल्याण सीट पर लोकसभा चुनाव के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। यहां के मतदाता चौथे चरण की वोटिंग के तहत अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे।  लेकिन कल्याण लोकसभा सीट पर 28 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं शिवसेना ने यहां से श्रीकांत शिंदे को टिकट दिया है, तो वहीं बाबाजी बलराम पाटिल कांग्रेस के प्रत्याशी हैं बहुजन समाज पार्टी ने यहां से रवींद्र केने को उम्मीदवार बनाया हैं।

शिवसेना

 

जहां इस सीट पर पिछले दो बार से शिवसेना चुनाव जीतते आ रही है। वहीं  2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से शिवसेना की टिकट पर श्रीकांत शिंदे चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। उन्होंने एनसीपी के आनंद परांजपे को हराया था।

 

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सीट का इतिहास –

कल्याण लोकसभा सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। जहां  इसके पहले यह ठाणे लोकसभा के अंतर्गत आती थी। लेकिन कल्याण लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो यह सीट शिवसेना-बीजेपी का गढ़ माना जाता है।  यहां से बीजेपी के राम कापसे 1989 से 1996 तक चुनाव जीतते आए हैं।

महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना के गठबंधन होने के बाद यह सीट शिवसेना के खाते में चली गई. शिवसेना ने प्रकाश परांजपे को टिकट दिया वो जीतकर भी आए।  वो 1996 से 2008 तक लगातार जीते और सांसद रहे हैं।  उनके निधन के बाद शिवसेना ने प्रकाश परांजपे के बेटे आनंद परांजपे को टिकट दिया. आनंद ने पिता की विरासत को संभाला और चुनाव जीते हैं।

दरअसल आनंद परांजपे कल्याण से सांसद चुने गए लेकिन कुछ ही समय बाद शिवसेना के साथ उनकी कटुता पैदा हो गई हैं। जहां इसका असर यह हुआ कि शिवसेना से वो दूर हो गए और उन्होंने एनसीपी की सदस्यता ले ली।  साल 2014 में आनंद एनसीपी से चुनाव में उतरे और हार गए हैं।

 

 

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