चीन में फिलहाल कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मिली मंजूरी, पढ़े पूरी खबर

कोरोना वायरस महामारी का कहर दुनियाभर में जारी है। दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक इस समय कोरोना के कहर से लोगों को बचाने के लिए असरदार वैक्सीन तैयार करने में जुटे हुए हैं। दुनियाभर में फिलहाल 30 से अधिक कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है। इन वैक्सीनों का ट्रायल अलग-अलग चरणों में हैं। रूस के बाद अब चीन, कोरोना की वैक्सीन तैयार करने में जुटा हुआ है।

इस बीच, चीन से एक बड़ी खबर आई है। जानकारी के मुताबिक, चीन ने देश में विकसित कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। चीन के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि चीन ने कुछ चुनिंदा घरेलू कंपनियों द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल को यह कहकर मंजूरी दी है कि इसका इस्तेमाल वह इमरजेंसी के हालात में कर सकते हैं। बता दें कि चीन में फिलहाल कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अलग-अलग चरणों में चल रहा है लेकिन इससे पहले ही देश में टीके के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, चीन में वैक्सीन के इस्तेमाल को आपातकालीन मंजूरी चीनी वैक्सीन प्रबंधन कानून(Chinese vaccine management law) के तहत दी गई है। इसके तहत वैक्सीन को उन लोगों को लगाने की अनुमति दी गई है जिन्हें सीमित अवधि में संक्रमित होने का सबसे ज्यादा जोखिम है।

चीन के कोरोना वायरस वैक्सीन के प्रमुख झेंग झोंगवेई(Zheng Zhongwei) ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने इसे सुनिश्चित करने के लिए कई योजना पैकेज तैयार  किए हैं जैसे- चिकित्सा सहमति फॉर्म, साइड-इफेक्ट्स मॉनिटरिंग प्लान, बचाव योजना, क्षतिपूर्ति योजना विकास कार्य बल। झेंग ने कहा कि चीन को आधिकारिक तौर पर 22 जुलाई से कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी में इस्तेमाल को अब एक महीना बीच चुका है जबकि चीन में फिलहाल कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है।

उन्होंने बताया कि जिन मरीजों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ दी गई, उनमें से कुछ में साइड इफेक्ट दिखा लेकिन किसी को बुखार नहीं आया। चीनी स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन प्रबंधन पर चीन के कानून के अनुसार, जब विशेष रूप से गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल होता है तो चिकित्सीय परीक्षणों में शामिल टीकों का उपयोग सीमित दायरे में चिकित्सा और महामारी निवारण कर्मियों, सीमा अधिकारियों और स्थिर शहर परिचालन में काम करने वाले अन्य लोगों की रक्षा के लिए किया जा सकता है।

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