घाघरा के उफान से गांव छोड़ने को मजबूर हुए 60 गांवों के लोग

घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा लाल निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर तो घूरदेवी स्पर पर 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। घाघरा के उफान से 60 गांवों के लोग घर छोड़कर तटबंधों पर ठिकाना लिए हुए हैं। हर समय गुलजार रहने वाली गांव की गलियां सूनी पड़ी हुई हैं।

महसी तहसील के बौंडी, रतनपुर, सिलौटा, तारापुरवा, भौंरी, घूरदेवी, सिपहिया हुलास, समदा व सरसठ बेटोरा समेत 60 गांव बाढ़ से तबाह हो गए हैं। इन गांवों के लोग पलायन कर बेलहा-बेहरौली तटबंध पर परिवार के संग जीवन व्यतीत कर रहे हैं। गांव को जाने वाली सड़क व संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में कट चुके हैं। इससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।

बौंडी के जरौरा व रतनपुर मोड़ स्थित पुलिया क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बाढ़ के दौरान फसलें, वनस्पतियां सड़ चुकी है, जिससे उठती दुर्गंध से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। अब तक स्वास्थ्य महकमे ने दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया है। जिन किसानों की फसलें तबाह हुई है, वे किसान प्रशासन की ओर इमदाद की आस लगाए बैठे हैं।

————– बैराजों से छोड़ा गया 278656 क्यूसेक पानी – सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि मंगलवार को शारदा बैराज से 146172 क्यूसेक, गिरजापुरी बैराज से 128600 क्यूसेक व सरयू बैराज से 3384 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दोपहर एक बजे घूरदेवी स्पर पर लाल निशान 112.150 मीटर के सापेक्ष घाघरा का जलस्तर 111.750 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां घाघरा लाल निशान से 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

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