गेहू पर किसानो को सरकारी केन्द्रों पर नहीं मिल रहा सही मूल्य

wheat-benefits_571039a4edf13एजेंसी/ सरकारी केन्द्रों पर अब तक गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू नहीं हुई है. कई किसानो ने कहा है की जब तक सरकार गेहूं खरीदना शुरू करेगी, तब तक किसानों के यहां का गेहूं बिक चुका होगा. राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की घोषणा की गयी है, लेकिन अब तक जिले में न तो गेहूं की खरीदारी शुरू हुई है और न ही गेहूं खरीदने को लेकर क्रय केंद्र ही खोले गये हैं. पिछले वर्ष भी किसानों के साथ यही स्थिति रही थी कई जगह केंद्र नहीं खुले है तो कही सही दाम नहीं मिल रहे है.

जबकि बाजार में व्यापारी इसी गेहू के किसानो को ज्यादा मूल्य दे रहे हे! वो भी नगद पेसो के साथ जबकि सरकारी केन्द्रों पे यह राशि किसानो के बैंक अकाउंट में डाली जाती है.

जिले में क्रय केंद्र खोल कर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का निर्देश राज्य सरकार द्वारा दिया गया है. पर, रविवार तक जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी क्रय केंद्र नहीं खुला है. जब क्रय केंद्र ही नहीं खुला, तो किसानों से गेहूं खरीद समर्थन मूल्य पर कैसे किया जायेगा. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. जब तक क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक किसानों के घर से गेहूं व्यापारियों के गोदाम में पहुंच चुका होगा.

सरकारी केन्द्रों पर अब तक गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू नहीं हुई है. कई किसानो ने कहा है की जब तक सरकार गेहूं खरीदना शुरू करेगी, तब तक किसानों के यहां का गेहूं बिक चुका होगा. राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की घोषणा की गयी है, लेकिन अब तक जिले में न तो गेहूं की खरीदारी शुरू हुई है और न ही गेहूं खरीदने को लेकर क्रय केंद्र ही खोले गये हैं. पिछले वर्ष भी किसानों के साथ यही स्थिति रही थी कई जगह केंद्र नहीं खुले है तो कही सही दाम नहीं मिल रहे है.

जबकि बाजार में व्यापारी इसी गेहू के किसानो को ज्यादा मूल्य दे रहे हे! वो भी नगद पेसो के साथ जबकि सरकारी केन्द्रों पे यह राशि किसानो के बैंक अकाउंट में डाली जाती है.

जिले में क्रय केंद्र खोल कर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का निर्देश राज्य सरकार द्वारा दिया गया है. पर, रविवार तक जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी क्रय केंद्र नहीं खुला है. जब क्रय केंद्र ही नहीं खुला, तो किसानों से गेहूं खरीद समर्थन मूल्य पर कैसे किया जायेगा. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. जब तक क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक किसानों के घर से गेहूं व्यापारियों के गोदाम में पहुंच चुका होगा.

सरकारी केन्द्रों पर अब तक गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू नहीं हुई है. कई किसानो ने कहा है की जब तक सरकार गेहूं खरीदना शुरू करेगी, तब तक किसानों के यहां का गेहूं बिक चुका होगा. राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की घोषणा की गयी है, लेकिन अब तक जिले में न तो गेहूं की खरीदारी शुरू हुई है और न ही गेहूं खरीदने को लेकर क्रय केंद्र ही खोले गये हैं. पिछले वर्ष भी किसानों के साथ यही स्थिति रही थी कई जगह केंद्र नहीं खुले है तो कही सही दाम नहीं मिल रहे है.

जबकि बाजार में व्यापारी इसी गेहू के किसानो को ज्यादा मूल्य दे रहे हे! वो भी नगद पेसो के साथ जबकि सरकारी केन्द्रों पे यह राशि किसानो के बैंक अकाउंट में डाली जाती है.

जिले में क्रय केंद्र खोल कर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का निर्देश राज्य सरकार द्वारा दिया गया है. पर, रविवार तक जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी क्रय केंद्र नहीं खुला है. जब क्रय केंद्र ही नहीं खुला, तो किसानों से गेहूं खरीद समर्थन मूल्य पर कैसे किया जायेगा. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. जब तक क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक किसानों के घर से गेहूं व्यापारियों के गोदाम में पहुंच चुका होगा.

सरकारी केन्द्रों पर अब तक गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू नहीं हुई है. कई किसानो ने कहा है की जब तक सरकार गेहूं खरीदना शुरू करेगी, तब तक किसानों के यहां का गेहूं बिक चुका होगा. राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की घोषणा की गयी है, लेकिन अब तक जिले में न तो गेहूं की खरीदारी शुरू हुई है और न ही गेहूं खरीदने को लेकर क्रय केंद्र ही खोले गये हैं. पिछले वर्ष भी किसानों के साथ यही स्थिति रही थी कई जगह केंद्र नहीं खुले है तो कही सही दाम नहीं मिल रहे है.

जबकि बाजार में व्यापारी इसी गेहू के किसानो को ज्यादा मूल्य दे रहे हे! वो भी नगद पेसो के साथ जबकि सरकारी केन्द्रों पे यह राशि किसानो के बैंक अकाउंट में डाली जाती है.

जिले में क्रय केंद्र खोल कर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का निर्देश राज्य सरकार द्वारा दिया गया है. पर, रविवार तक जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी क्रय केंद्र नहीं खुला है. जब क्रय केंद्र ही नहीं खुला, तो किसानों से गेहूं खरीद समर्थन मूल्य पर कैसे किया जायेगा. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. जब तक क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक किसानों के घर से गेहूं व्यापारियों के गोदाम में पहुंच चुका होगा.

सरकारी केन्द्रों पर अब तक गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू नहीं हुई है. कई किसानो ने कहा है की जब तक सरकार गेहूं खरीदना शुरू करेगी, तब तक किसानों के यहां का गेहूं बिक चुका होगा. राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की घोषणा की गयी है, लेकिन अब तक जिले में न तो गेहूं की खरीदारी शुरू हुई है और न ही गेहूं खरीदने को लेकर क्रय केंद्र ही खोले गये हैं. पिछले वर्ष भी किसानों के साथ यही स्थिति रही थी कई जगह केंद्र नहीं खुले है तो कही सही दाम नहीं मिल रहे है.

जबकि बाजार में व्यापारी इसी गेहू के किसानो को ज्यादा मूल्य दे रहे हे! वो भी नगद पेसो के साथ जबकि सरकारी केन्द्रों पे यह राशि किसानो के बैंक अकाउंट में डाली जाती है.

जिले में क्रय केंद्र खोल कर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का निर्देश राज्य सरकार द्वारा दिया गया है. पर, रविवार तक जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी क्रय केंद्र नहीं खुला है. जब क्रय केंद्र ही नहीं खुला, तो किसानों से गेहूं खरीद समर्थन मूल्य पर कैसे किया जायेगा. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. जब तक क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से गेहूं खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक किसानों के घर से गेहूं व्यापारियों के गोदाम में पहुंच चुका होगा.

=>
LIVE TV