कुछ लोग पुलिस पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कार्यशैली पर उठा रहे सवाल

पूर्व सांसद अतीक अहमद, पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा, पार्षद बच्चा पासी और हिस्ट्रीशीटर राजेश यादव। जिले में यही चार नाम हैं, जिन्हें पुलिस ने माफिया की फेहरिस्त में शामिल किया है। हालांकि चौंकाने वाली बात है कि इसमें से तीन के विरुद्ध ही पुलिस कार्रवाई कर रही है, जबकि चौथे राजेश यादव के खिलाफ अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इसको लेकर कुछ लोग पुलिस पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

राजेश पर कई थानों में 26 मुकदमे दर्ज हैं

पुलिस रिकार्ड में झूंसी थाना क्षेत्र के नैका महीन गांव निवासी राजेश यादव उर्फ मामा के खिलाफ कर्नलगंज, धूमनगंज, कैंट, सिविल लाइंस, शिवकुटी, जार्जटाउन, नैनी और झूंसी थाने में 26 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें हत्या का प्रयास, जानलेवा हमला, गैंगस्टर समेत कई मुकदमे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि राजेश यादव भी दूसरे माफिया की तरह अवैध तरीके से प्रापर्टी डीलिंग करता है। अपराध के जरिए उसने भी काफी चल और अचल संपत्ति अॢजत की है। हालांकि अब तक पुलिस ने न तो राजेश यादव का गैंग रजिस्टर्ड किया और संपत्ति के बारे में छानबीन शुरू की। पुलिस सूत्रों का तो यह भी कहना है राजेश के घर पुलिस ने दबिश तक नहीं दी। वहीं, दूसरी ओर दूसरे माफिया के विरुद्ध लगातार अलग-अलग तरह की कार्रवाई की जा रही है।

मुंबई के काला घोड़ा शूटआउट से हुआ चर्चित

कुछ साल पहले मुंबई की अदालत में दिनदहाड़े दो वकीलों की हत्या की गई थी, जो काला घोड़ा शूटआउट के नाम से चर्चित हुआ। उस हत्याकांड में मुंबई क्राइम ब्रांच ने राजेश यादव को पकड़ा था। तब पता चला था कि राजेश छोटा राजन गिरोह के लिए काम करता है और उस वारदात में शामिल था। इस घटना के बाद ही राजेश चर्चित हो गया।

बोले, आइजी केपी सिंह

आइजी केपी सिंह कहते हैं कि सभी माफिया के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। एसपी गंगापार को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। कार्रवाई में हीलाहवाली या लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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