काशी मथुरा के लिए विश्व हिंदू सेना का गठन, लिया गया ये संकल्प

Riport- KASHINATH

वाराणसी : हिंदूवादी नेता अरुण पाठक ने अस्सी घाट पर हिंदुओं की रक्षा, गौ गायत्री और गंगा के रक्षार्थ गैर राजनीतिक संगठन विश्व हिंदू सेना का गठन किया गया। इसके लिए अस्सी घाट पर गौ गायत्री और गंगा के समक्ष संकल्प लिया गया कि बाला साहेब के सपनों को पूरा करना, काशी मथुरा मंदिरों की मुक्ति , गौ गंगा गायत्री की रक्षा, लव जिहाद एवं आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष करने हेतु विश्व हिंदू सेना का गठन किया गया है ।

इस अवसर पर बातचीत में अरुण पाठक ने बताया कि हिन्दू ह्रदय सम्राट बाला साहब ठाकरे के कट्टर हिंदूवादी विचारधारा से प्रेरित होकर 1989 से निरंतर शिव सेना से जुड़कर हिंदुत्व की सेवा कर रहा था। 17 नवंबर 2003 को रेलवे बोर्ड के परीक्षा के दौरान उत्तर भारतीयों को महाराष्ट्र में दौड़ा दौड़ाकर पिटा गया जिससे क्षोभित होकर शिवसेना छोड़ा। 2007 में बहुजन समाज पार्टी जॉइन किया 2008 में कोआर्डिनेटर रोहनिया बना।

2009 के लोकसभा चुनाव में रोहनिया विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी डॉ मुरली मनोहर जोशी को 10000 मतों से हराया जिससे प्रभावित होकर बहन जी ने कैंट का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए रोहनिया-कैंट का कोआर्डिनेटर नियुक्त कर दिया। 4 अगस्त 2014 तक तेजी से बढ़ते हुए इस्लामिक आतंकवाद को देखते हुए पूरे हिंदुस्तान में हिंदुओं का उत्पीड़न बढ़ते देखते हुए मैने हिंदूवादी संगठन में फिर से जुड़ने का फैसला लिया। मेरे सामने दो विकल्प था बीजेपी और शिवसेना जिसमे मैंने शिवसेना को महत्व दिया। राज ठाकरे के अलग होने के बाद शिवसेना मुझे कट्टर हिंदूवादी बाला साहब ठाकरे की पार्टी लगी।

कुछ चाटुकारों के इशारे पे मुझे 2 साल में 6 बार निकाला गया फिर भी मैंने पार्टी नहीं छोड़ा। विगत 12 अगस्त को मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के प्रयास में प्रशासन ने मेरा पैर फ्रैक्चर किया शिवसेना के राष्ट्रीय नेता चुप रहे फिर भी मैंने पार्टी नहीं छोड़ी।

लेकिन आज शिवसेना ने गौभक्षियों सोनिया गांधी राहुल गांधी की पार्टी से हाथ मिला लिया और ये साबित कर दिया कि इन्हें राजनीति से प्रेम है हिंदुत्व से नहीं लेकिन मुझसे हिंदुत्व से प्रेम है राजनीति से नही और मुझे बाला साहब के सपनों को साकार करने था इसलिए मैंने विश्व हिन्दू सेना का गठन किया। मुझे तन मन धन से इस संगठन के जरिये हिंदुत्व की सेवा करना है इसलिए मैंने गैर राजनीतिक संगठन के गठन का विचार किया।

शिवसेना का सत्ता के लोभ में हिन्दू विरोधी विचारधारा के राजनैतिक संगठन कांग्रेस से मिलकर सरकार बनाने की वजह से मैं अरुण पाठक शिवसेना से आहत हूँ । क्योंकि हिन्दू हृदय सम्राट के विचारधारा की वजह से मैं शिवसेना से 1989 से जुड़ा रहा।

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लेकिन अब शिवसेना अपने विचारधारा और सिद्धांतों से कुर्सी के लालच में भटक गई है ऐसे में शिवसेना में एक पल भी रहना मेरे लिए संभव नहीं है। इसके साथ ही मैं अगले 10 वर्षों तक राजनीति से सन्यास की घोषणा करता हूँ व विश्व हिंदू सेना के माध्यम से हिंदुत्व की आवाज पूरे विश्व मे बुलंद करूंगा।

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