सच्‍ची खुशी

ओशो भारत के महान संतों में गिने जाते हैं। ओशो यथार्थ में जीने वाले व्‍यक्ति थे। उस दाैर में जब भारत धर्म  की बेडि़यों से जकड़ा था तो उस कालखंड में ओशो की बातें हमें धर्म से विमुख होने की बात सिखातीं थीं। दुख की बात है कि ओशो को भारत में वो सम्‍मान नहीं मिला जो उन्‍हें विदेशों में मिला। लेकिन धीरे धीरे ओशो की बातें भारत में भी स्‍वीकार्य होने लगीं। अगर वर्तमान में हम ओशो की बातों का अनुसरण करें तो निश्चित रूप से हम विश्‍व की तमाम समस्‍याओं से निजात पा सकते हैं। आइए आज हम आपको ओशो की 10 अनमोल बातों से आपका परिचय करवाते हैं।

ओशो की बातें

ओशो की बातें अनमोल

मुझे आज्ञाकारी लोगो जैसे अनुयायी नही चाहिये। मुझे बुद्धिमान दोस्त चाहिये, जो यात्रा के समय मेरे सहयोगी हो।

आपका स्वर्ग और आपकी ख़ुशी हमेशा कही ना कहीं होती ही है। ये कभी वहा नही मिलेंगी जहा आप हो। एक सच्ची ख़ुशी हमेशा ‘यहाँ’ होती है, और ‘अभी’ होती है।

एक शराबी बने, जिसमे जीवन के अस्तित्व की शराब को पिए. कभी भी मासूम ना बने, क्योकि मासूम हमेशा मरे हुए होते है।

अनुभूति को दो शब्द देते ही विचार का जन्म हो जाता है। यह प्रतिक्रिया, यह शब्द देने की आदत अनुभूति को, दर्शन को विचार से आच्छादित कर देती है। अनुभूति दब जाती है, दर्शन दब जाता है और शब्द चित्त में तैरते रह जाते है। ये शब्द ही विचार है।

जिंदगी एक आइना है, जो हमारे ही चेहरे की प्रतिकृति दिखाता है। जिंदगी में हमेशा दोस्ती से रहे तभी आपके जीवन में मित्रता बनी रहेंगी।

आपका दिल ही आपका सबसे बड़ा शिक्षक है, आपको उसी की सुननी चाहिये। लेकिन जीवन की यात्रा में आपका अंतर्ज्ञान ही आपका शिक्षक होता है।

वह इंसान जो अकेले रहकर भी खुश है असल में वही इंसान कहलाने योग्य है। यदि आपकी ख़ुशी दूसरो पर निर्भर करती है तो आप एक गुलाम हो। अभी आप पूरी तरह से मुक्त नही हुए हो अभी आप बंधन (गुलामी) में बंधे हो।

एक बच्चे को विशाल एकांतता की जरुरत होती है, उसे ज्यादा से ज्यादा एकांतता में रहने देना चाहिये, ताकि वह अपनेआप को विकसित कर सके।

अपने रिश्ते में हमेशा सुखद रहे, तन्हाई में हमेशा सतर्क रहे. ये दोनों बातो आपके लिए हमेशा मददगार साबित होंगी क्योकि ये बाते एक पक्षी के दो पंखो के समान है।

सिर्फ आपके पाप ही आपको दुखी कर सकते है.।जो आपको अपने आप से दूर ले जाने की कोशिश करते है, ऐसी चीजो को अनदेखा करना ही बेहतर होंगा।