एसएन में हो रहा कोरोना का ​मुफ्त इलाज, संक्रमित मिलने पर निजी अस्पताल में किए जा रहे रेफर

एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना के मरीजों का छह तरह का इलाज दिया जा रहा है, यहां गंभीर मरीजों की भी जान बचाई जा रही है। मगर, मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। वहां बिल को देख पसीना आ रहा है। पांच से छह लाख का बिल बनने पर तीमारदार परेशान हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में 100− 100 बेड के दो आइसोलेशन वार्ड हैं, इसके साथ ही आइसीयू की सुविधा है। कोरोना के मरीजों की कई तरह की जांच कराने के बाद डॉक्टरों का पैनल इलाज की रणनीति तैयार करता है। वहीं, निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के बाद इलाज को लेकर कोई रणनीति नहीं बनाई जा रही है। मरीज की तबीयत बिगडने पर वेंटीलेटर पर शिफ्ट कर एसएन रेफर कर दिया जाता है, इस दौरान मरीज का बिल पांच से छह लाख तक बन रहा है, इससे तीमारदार परेशान हो रहे हैं।

वहीं, एसएन में देर से पहुंचने पर मरीज की मौत हो रही है। 1 से 1.50 लाख का पैकेज, इंजेक्शन और दवाओं से पांच लाख तक खर्चा सिकंदरा क्षेत्र के कोरोना संक्रमित मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हुए, यहां उन्हें खर्चा एक से 1.50 लाख रुपये 10 दिन का खर्चा बताया गया। पांच दिन बाद ही मरीज की तबीयत बिगडने की बात कहते हुए इंजेक्शन और दवाओं का खर्चा बढ गया, 10 दिन में पांच लाख से अधिक का बिल थमा दिया गया। इस तरह के मामले तेजी से बढ रहे हैं।

निजी अस्पताल के चार्ज

एनएबीएच से मान्यता प्राप्त अस्पताल में सामान्य मरीजों से 10,000 रुपये, आइसीयू में 15,000 रुपये, वेंटीलेटर पर 18,000 रुपये प्रतिदिन चार्ज किए जा सकते हैं। एनएबीएच से गैर मान्यता वाले अस्पताल सामान्य मरीज से 8,000 रुपये, आईसीयू 13,000 रुपये और वेंटीलेटर 15,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चार्ज ले सकेंगे। पीपीई किट के लिए अलग से चार्ज नहीं वसूला जाएगा।

एसएन में कोरोना के मरीजों को निश्शुल्क इलाज दिया जा रहा है, हर मरीज के लिए डॉक्टरों की टीम इलाज की रणनीति तैयार करती है, डॉक्टरों की टीम गंभीर मरीजों की जान बचा रही है।

डॉ संजय काला, प्राचार्य

सरकारी अस्पताल में निश्शुल्क इलाज की सुविधा है, निजी अस्पताल निर्धारित से ज्यादा अधिक बिल ले रहे हैं तो उसकी शिकायत करें, कार्रवाई की जाएगी।

डॉ आरसी पांडे, सीएमओ

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