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नायडू और उपराष्ट्रपति पद के बीच आई ये खतरनाक मुसीबत, संकट में घिरे मोदी-शाह और वेंकैया

एनडीए के उम्मीदवारनई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार बनाए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू चुनावी रथ पर सवार तो हो गए लेकिन एक सवाल है जो उनके मन में बार बार सागर की लहरों की तरह हिलोरे मार रहा है। मंगलवार को नामांकन के बाद जब वेंकैया नायडू मीडिया से रूबरू हुए तो वह काफी भावुक हो गए।

उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने पर वेंकैया ने कहा कि मैं अपने आप में काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। भारतीय जनता पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर सार्वजनिक रूप से मुहर तो लगा दी गई है लेकिन उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि देश के उपराष्ट्रपति का पद कहीं उन्हें उनकी मां से दूर न कर दे।

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दरअसल वेंकैया ने बताया कि उन्होंने युवावस्था में ही अपनी मां को खो दिया था और उसके बाद से ही वह भारतीय जनता पार्टी को ही अपनी मां की तरह समझते हैं। आज वही पार्टी उन्हें इस मुकाम पर लेकर आई है। उन्होंने बताया कि उनके मन में बार बार यही सवाल उठ रहा है कि कहीं यह पद उन्हें उनकी मां से अलग न कर दे।

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गौरतलब है कि नायडू ने मंत्रिपरिषद से अपना इस्तीफा दे दिया है। इस बाबत उन्होंने पीएम मोदी को अवगत करा उन्हें देर रात चिट्ठी भी भेज दी है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद की पूरी जिम्मेदारी पूरी करने की कोशिश करुंगा और उम्मीद करता हूं कि मैं इंसाफ कर पाऊंगा।

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