एक बार फिर तुर्की को सबक सिखाने के लिए सीरिया से डील…

कुर्दों के खिलाफ तुर्की कारवाई से कोहराम मचा हुआ हैं. देखा जाये तो अब तक इस युद्ध में 100 से अधिक लोगो की मौत हो चुकि हैं. इस मामले को देखते हुए 4 लाख लोगो के पलायन की नौबत आ सकती हैं.

कुर्द प्रशासन ने रविवार को बताया कि सीरिया की सेना के साथ उनका समझौता हो गया है. इसके तहत तुर्की के हमले को रोकने के लिए सीरिया की सेना बॉर्डर पर तैनात की जाएगी. तुर्की से लगे सीरिया के बॉर्डर पर कुर्दों का बोलबाला है. इसी इलाके को तुर्की निशाना बना रहा है. कुर्द और सीरिया की राष्ट्रीय सेना के बीच हुए समझौते के बाद सीरिया की सेना रास-अल-आइन शहर की कूच कर गई है.

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जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्डोगन से अपील की है कि वे सीरिया में तुरंत अपने हमले रोकें. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि तुर्की की कार्रवाई इलाके में आईएसआईएस आतंकवादियों को संजीवनी दे सकती है और वे फिर से सक्रिय हो सकते हैं.

कुर्दों पर तुर्की की सैन्य कार्रवाई के विरोध में जर्मनी और फ्रांस ने शनिवार को कहा वे अपने यहां से तुर्की को हथियारों की सप्लाई रोक रहे हैं. जर्मनी और फ्रांस बड़े पैमाने पर तुर्की को हथियारों की सप्लाई करते हैं.

कश्मीर पर भारत के खिलाफ बयान देने वाले तुर्की के इस कदम का भारत ने विरोध किया है. भारत ने कहा है कि तुर्की का ये कदम एकतरफा है. तुर्की की कार्रवाई सीरिया और आसपास के क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को कमजोर कर सकती है. साथ ही साथ मानवता और स्थानीय नागरिकों के लिए भी काफी चिंता का विषय है. भारत ने सलाह दी है कि तुर्की को सीरिया की स्वायत्तता का सम्मान करना चाहिए.

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