उम्मीदें : मोदी सरकार ला सकती है शुरुआत में ये 4 बड़ी योजनाएं !

देश की कमान एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिल गई है. लोकसभा चुनाव नतीजों में NDA को मिले प्रचंड बहुमत के बाद अब नई सरकार के नए एजेंडे को लेकर चर्चाएं तेज हो रही है.

नई सरकार के सामने सुधारवादी फैसलों की रफ्तार देने की बड़ी चुनौती होगी. मंत्रालयों ने सरकार के शुरुआती 100 दिन के एजेंडे पर काम करना शुरू भी कर दिया है.

इसके अलावा मोदी सरकार स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक फंड का निर्माण कर सकती है जिसमें शुरुआती रकम 1 हजार करोड़ रुपये होगी.

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और कुछ अन्य बैंकों का पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में विलय करने की संभावना पर मोदी सरकार विचार कर सकती है.

ये हैं वो योजनाएं :

(1) नई नौकरियों को लेकर आएगी ये योजना-रोजगार देश में रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार नई औद्योगिक नीति लाने जा रही है. इसके तहत मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए इंसेटिव्स मिलेंगे. नई औद्योगिक नीति के तहत सालाना 6.93 लाख करोड़ रुपये की एफडीआई देश में आ सकती है जो कि पिछले साल 4.16 लाख करोड़ रुपये था.

 

(2) एग्री प्रोडक्ट्स के निर्यात पर मिलेगा ज्यादा इंसेंटिव –सीएनबीसी आवाज़ को मिली सूत्रों की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कृषि एक्सपोर्ट नीति में बदलाव आ सकता है और किसानों की समस्या दूर करने के लिए निर्यात पर इंसेटिव्स बढ़ाया जा सकता है. पीएम-आशा जैसी प्रॉक्यूरमेंट पॉलिसी का रिव्यू किया जा सकता है.(ये भी पढ़ें-नई नौकरियों को लेकर मोदी सरकार उठाएगी ये कदम!)

 

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(3) ई-कॉमर्स पॉलिसी पर होगी चर्चा- मोदी सरकार अपने पहले टर्म में लाए गए ई-कॉमर्स पॉलिसी पर स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर सकती है. एक अन्य स्रोत ने यह बताया कि इस बातचीत में क्रॉस बॉर्डर डेटा फ्लो को भी लेकर बातचीत हो सकती है.

मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक ग्राहकों की सहमति हो या न हो, किसी थर्ड पार्टी से उनका डेटा साझा करना पूरी तरह मना होगा. इसका अर्थ यह हुआ कि अमेजन इंडिया अपने ग्राहकों का डेटा अपनी मूल कंपनी अमेजन से डेटा साझा नहीं कर सकेगा क्योंकि वह अमेरिका में स्थित है.

 

(4) IBC मे संशोधन संभव-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार के नए कैबिनेट के कार्यभार संभालते ही इनसाल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) को संशोधित कर उसे क्रॉस बॉर्ड इनसॉल्वेंसी फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है.

इसके तहत कर्जदाताओं को दिवालिया हो चुकी कंपनी की विदेशी संपत्तियों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी. इसके अलावा इनसॉल्वेंसी रेगुलेटर इंडिविजुअल सॉल्वेंसी रेगुलेशंस लाने की भी पहल कर सकता है.

इसके तहत सर्वाधिक गरीब लोगों को 35 हजार रुपये तक की कर्जमाफी दी जा सकती है. इसके अलावा इनसाल्वेंसी मामलों की प्रक्रिया को तेज करने और उनकी लागत घटाने की पहल की जा सकती है.

 

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