इस देश में लोग मना रहे थे गुब्बारों का त्यौहार, लेकिन बदले मौसम से मच गयी तबाही…

गुब्बारे भला क्या मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। रंग-बिरंगे गुब्बारे देख मन खुश हो जाता है लेकिन 1986 में यही गुब्बारे संयुक्त राष्ट्र के ओहायो क्षेत्र के क्लीवलैंड शहर में परेशानी का सबब बन गए थे।

1986 में एक चैरिटी आर्गेनाइजेशन बेहतरीन मेले का आयोजन करने की सोची। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के चक्कर में उन्होंने एक साथ कई गुब्बारे आसमान में छोड़ दिए। रिकॉर्ड बनाने की मंशा से क्लीवलैंड के वासियों ने एक साथ 2 मिलियन हीलियम से भरे गुब्बारे आसमान में छोड़ने का लक्ष्य रखा।

इस देश में लोग मना रहे थे गुब्बारों का त्यौहार

इसी क्रम में करीब 2,500 लोगों ने रातभर गुब्बारे फुलाने का काम किया। मेला शुरू होने से पहले सबकुछ अच्छा था। पूरा Cleveland जोश में था हीलियम से भरे गुब्बारों को सहारा देने के लिए एक तीन मज़िला छत भी बनाई गई थी लेकिन कुछ समय बाद सब बदल गया।

मौसम ख़राब होने की वजह से उन्होंने 1.5 मिलियन गुब्बारे ही आसमान में छोड़ने का फैसला किया। लेकिन अचानक हुई बारिश ने उस खूबसूरत नज़ारे को बुरे सपने में बदल दिया।

लोगों को लगा गुब्बारे आसमान में उड़ जाएंगे लेकिन बारिश के कारण वह नीचे की तरफ आने लगे। देखते ही देखते पूरा क्लीवलैंड गुब्बारों से भर गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वहां के एयरपोर्ट को 30 मिनट के लिए बंद कर दिया गया।

लेक ईरी जो उत्तरी अमरीका की पांच बड़ी झीलों में से चौथी सबसे बड़ी झील है। वह भी रंग बिरंगे गुब्बारों से पट गई। उसी समय दो मछुआरों के लापता होने की खबर आई।

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उन्हें ढूंढने गई रेस्क्यू टीम को गुब्बारों की वजह से परेशानी हो रही थी। काफी खोजने के बाद उनकी डेड बॉडी अगले दिन बरामद हुई।

हादसे का शिकार हुए मछुआरों की पत्नियों के बलून फेस्टिवल का संचालन करने वाले पर केस कर दिया। बता दें कि 1986 में हुए इस बलून फेस्टिवल के चलते कई लोगों की जान गई थी।

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