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आरएसएस के पूर्व प्रमुख ने उठाए भाजपा की क्षमता पर सवाल, रक्षामंत्री को बताया बेहद हानिकारक

आरएसएस के पूर्व प्रमुखनई दिल्ली| गोवा में आरएसएस के पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकर ने शनिवार को कहा कि राज्य में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर की छवि खराब है। वेलिंगकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितिन गडकरी ने पर्रिकर को दोबारा राज्य की राजनीति में लाने का गुरुवार को संकेत दिया, लेकिन राज्य के मतदाताओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री की छवि काफी खराब हो चुकी है।

आरएसएस के पूर्व प्रमुख का बयान

वेलिंगकर ने शनिवार को कहा कि गडकरी का यह बयान कि भाजपा का एक केंद्रीय नेता चुनाव के बाद गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में लौटेगा, इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ पार्टी चुनाव में अपनी हार को भांप रही है।

उन्होंने कहा, “यह लोगों को लुभाने की कोशिश है और यह कोशिश गोवा में ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली। मनोहर पर्रिकर की वापसी राज्य के लिए नुकसानदायक होगी। पहली बार जब वह मुख्यमंत्री बने थे, तब उनकी छवि अच्छी थी। लेकिन अब वह छवि धूमिल हो चुकी है और उनके लौटने या न लौटने का गोवा की राजनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।” पर्रिकर तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

गडकरी ने गुरुवार को कहा था, “चुनाव के बाद निर्वाचित विधायक एक नए नेता का चुनाव करेंगे और हमारी पार्टी के पास एक संसदीय बोर्ड है। नए नेता का चयन लोकतांत्रिक तरीके से होगा। चुनकर आए विधायकों में से नए नेता का चयन हो सकता है या फिर पार्टी के नेताओं की सहमति से दिल्ली से कोई नेता लाया जाएगा।”

गडकरी के इस बयान के एक दिन बाद पर्रिकर ने राज्य की राजनीति में लौटने की बात खारिज नहीं की और उन्होंने कहा, “पहले चुनाव होने दीजिए फिर देखते हैं।”

गोवा में विपक्षी गठबंधन, गोवा सुरक्षा मंच (जीएसएम), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी तथा शिवसेना के संयोजक वेलिंगकर ने भी कहा कि गडकरी द्वारा केंद्रीय नेता के आयात का संकेत देना भाजपा नेतृत्व की क्षमता के दिवालिएपन को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “उनकी टिप्पणी से ऐसा लगता है कि गोवा में उनके पास कोई सक्षम नेता नहीं है। वे जीएसएम तथा गठबंधन से क्षति महसूस कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि उनके पांव के नीचे की जमीन खिसक रही है। और इसलिए वे कुछ नया करने की सोच रहे हैं, संभवत: मनोहर पर्रिकर के रूप में।”

मुख्यमंत्री के रूप में पर्रिकर तथा पारसेकर के कार्यकाल के बारे में पूछे जाने पर वेलिंगकर ने कहा, “लक्ष्मीकांत पारसेकर तो बस डमी हैं, सबकुछ दिल्ली से मनोहर पर्रिकर द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।”

राज्य में भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं के बदले अंग्रेजी भाषा को महत्ता दिए जाने का विरोध करने के कारण वेलिंगकर को गोवा के आरएसएस प्रमुख के पद से बर्खास्त कर दिया गया था।

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