अरविंद केजरीवाल की पलायन कर रहे मजदूरों से अपील, जाएंगे तो बढ़ेंगे कोरोना मामले…

भारत में कोरोना वायरस अपना दम खम दिखा चुका है और इसके लिए सरकार भी तैयार नजर आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिनों के संपूर्ण लॉकडाउन के बाद से लोगों ने घरों से निकलना तो बंद कर दिया लेकिन ऐसे में कई लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

केजरीवाल

दिल्ली के सीएम  अरविंद केजरीवाल ने उन प्रवासी मजदूरों से यह अपील की है कि वे दिल्ली को छोड़कर न जाएं. उन्होंने कहा कि अगर लोग पलायन करेंगे तो कोविड-19 (COVID-19) के मामले बढ़ेंगे. आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में अबतक कोरोना वायरस के 873 केस आ चुके हैं. इनमें से 19 लोगों की मौत और 149 नए मामले सामने आए हैं.

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कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने अपने विधायकों से प्रवासी कामगारों को दिल्ली न छोड़ने का अनुरोध करने के लिए कहा है. हमने पलायन कर रहे मजदूरों के लिए खाने-पीने और रहने के इंतजाम किए हैं. मैं अपील करता हूं कि इस महामारी को रोकने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा की गई तालाबंदी की पहल जरूरी है. अगर लोग पलायन करेंगे तो कोरोना वायरस के केस बढ़ेंगे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- दुनिया में किसी भी वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल नहीं हुआ

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि दुनिया में किसी भी वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल नहीं हुआ है. गृह मंत्रालय कोरोना वायरस को मैनेज करने और लॉकडाउन को कामयाब बनाने के लिए प्रवासी मजदूरी की समस्या पर लगातार काम कर रहा है. इस पर राज्य सरकारें भी काम कर रहे हैं. राहत केंद्र बनाने पर भी काम हो रहा है. गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आपदा फंड के उपयोग करने के लिए कहा है.

गृह मंत्रालय ने आगे कहा कि कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा रिस्क बुजुर्गों में है. खान-पान की चीजें महंगी हो रही हैं इसकी शिकायत पर गृह मंत्रालय काम कर रहा है. प्राइवेट सेक्टर भी आगे आया है और 44 लैब को परमिसीन दिया गया है. एक लाख से ज्यादा लोगों के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है. पहले दिन से कोरोना वायरस की जांच हो रही है. साथ ही टेस्टिंग गाइड लाइन भी जारी है.

 

 

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर रैंडम सैंपलिंग की अभी जरूरत नहीं है, क्योंकि रैंडम टेस्ट हो रहा है. प्रवासी मजदूरों की समस्या बड़ी है. इस समस्या के निदान करने की कोशिश जारी है. इसे लेकर गृह सचिव ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी है, जो जहां है वहीं व्यवस्था की जाए. साथ ही हेल्प लाइन पर लोड ज्यादा होने से शिकायत आ सकती है.

उन्होंने कहा कि ये लड़ाई हम सब की है आप सब सहयोग करें. डॉक्टरों को आनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है. सीजीएचएस के मरीजों को 3 माह की दवाइयां दी जा रही हैं. डॉक्टरों के साथ नर्सिंग स्टाफ की भी ट्रेनिंग होगी. एआईआईएमएल में कोरोना के लिए एक केंद्र बनाया गया है. साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी फंड जारी करने के लिए कहा गया है. केंद्र सरकार ने 40 हजार वेंटिलेटर का आर्डर दिया है.

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