
मैसेजिंग ऐप ‘टेलीग्राम’ पर बार-बार होने वाली रुकावटों, खासकर NEET की पुनर्परीक्षा से पहले भारत में लगाए गए प्रतिबंध के कारण, दिल्ली-एनसीआर सहित देश भर के व्यापारियों को आजीविका संकट का सामना करना पड़ रहा है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) का दावा है कि डिजिटल युग में व्यापार का एक नया माध्यम बन चुके टेलीग्राम पर प्रतिबंध के कारण महज एक सप्ताह में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का कारोबार ठप हो गया है। सीटीआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
सीटीआई के चेयरमैन ने कहा कि आज लाखों दुकानदार और लघु एवं मध्यम उद्यम टेलीग्राम का इस्तेमाल सिर्फ मैसेजिंग ऐप के तौर पर नहीं, बल्कि अपने सीआरएम, कैटलॉगिंग, पेमेंट और सप्लाई चेन नेटवर्क के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक प्रतिशत गलत गतिविधियों के लिए प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना सरासर अन्याय है। सरकार को पूरे ऐप को नहीं, बल्कि संदिग्ध चैनलों और खातों को ब्लॉक करना चाहिए। कई थोक व्यापारी राहुल ने बताया कि उनका 80 प्रतिशत सामान टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से बिकता है। प्रतिबंध लगने के सात दिन बाद उनके 30 लाख रुपये के ऑर्डर रद्द हो चुके हैं।



