उत्तराखंड त्रासदी : एक फोन कॉल और टनल में फंसे 12 लोगों की बच गयी जान, जानिए कैसे निकले बाहर

उत्तराखंड में रविवार को ग्लेशियर टूटने के बाद भारी तबाही देखने को मिली। इस दौरान तपोवन इलाके की एक अंडरग्राउंड टनल में तकरीबन 12 लोग मौजूद थे। अचानक आई बाढ़ के बाद टनल में पानी और मलबा जमा हो गया। उन्हें बाहर निकालने का कोई रास्ता भी दिखाई नहीं दे रहा था। सभी उम्मीद की कोई आस छोड़ चुके थे तभी वहां फंसे एक व्यक्ति को मोबाईल में नोटवर्क नजर आया। खुद के फंसे होने की जानकारी उन्होंने अधिकारियों को दी जिसके बाद इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस ने सभी की जान बचाई।

रेस्क्यू के बाद अस्पताल में भर्ती प्लांट के एक वर्कर ने बताया कि वह चमोली के धाक गांव के रहने वाले हैं और तपोवन प्रोजेक्ट में काम करते हैं। वह बताते हैं कि उन्होंने फंसने के बाद उम्मीद खो दी थी। हालांकि बाद में उन्हें थोड़ी रोशनी दिखी और सांस लेने के लिए हवा भी महसूस हुई। जिसके बाद एक फोन कॉल ने उनकी जिंदगी बचा दी।

टनल से रेस्क्यू किए गये युवक ने बताया कि जब मलबा अंदर आया तब टनल में तकरीबन वह 300 मीटर अंदर थे और वहीं फंसे हुए थे। वहीं मीडिया रिपोर्टस में तपोवल पावन प्रोजेक्ट के वर्कर लाल बहादुर का जिक्र करते हुए न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि एक व्यक्ति चिल्ला रहा था कि बाहर आओ। जब तक हम लोग कुछ भी समझ पाते तब तक पानी और मलबा हमाले ओर आने लगा। विनोद सिंह पवार बताते हैं कि वह छड़ों के जरिए सुरंग के अंदर आधे रास्ते तक चढ़ गये थे लेकिन पानी आने के बाद वहीं फंस गये। फिलहाल आईटीबीपी ने 11 लोगों को टनल से रेस्क्यू किया।

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