
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस द्वारा लगातार किए जा रहे घातक हवाई हमलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सुस्त और कमजोर प्रतिक्रिया पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।उन्होंने स्पष्ट किया है कि रूस जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहा है और इसी कड़ी में राजधानी कीव की एक यूनिवर्सिटी पर दिनदहाड़े उस वक्त ‘शाहेद’ (Shahed) ड्रोन से हमला किया गया, जब वहां कक्षाएं चल रही थीं।
इस जानलेवा हमले के दौरान राहत की बात यह रही कि खतरे का सायरन बजते ही 160 छात्र सुरक्षित शेल्टर (बंकर) में चले गए थे, जिससे एक बहुत बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया।यह हमला यूक्रेनी शहरों और बुनियादी ढांचों को तबाह करने के रूसी अभियान का एक भयानक हिस्सा था।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई तबाही का दर्दनाक मंजर साझा किया। ओडेसा शहर में रूसी हमलों से एक रिहायशी इमारत और महत्वपूर्ण शहरी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है, जिसमें एक मासूम बच्चे सहित पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।खार्किव क्षेत्र में भी जबरदस्त बमबारी के कारण ऊर्जा संयंत्रों को नुकसान पहुँचा है, जिससे हजारों स्थानीय निवासियों को बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा है।इसके अतिरिक्त, खेरसॉन में उस विशेष इमारत को भी निशाना बनाया गया जिसका उपयोग पुलिस और आपातकालीन राहत कर्मियों द्वारा किया जाता है।पूरे यूक्रेन के कई अन्य क्षेत्रों में जेट-पावर्ड ड्रोन्स और हवाई बमों के मंडराते खतरे के कारण लगातार एयर रेड अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
रूस के इस चौतरफा आतंक पर वैश्विक नेताओं की शांत प्रतिक्रिया की कड़ी आलोचना करते हुए जेलेंस्की ने विश्व समुदाय को एक गंभीर चेतावनी दी है।उनका कहना है कि रूस की यह आक्रामक सैन्य नीति केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि यह यूरोप और पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा सुरक्षा खतरा बनती जा रही है। जेलेंस्की ने आगाह किया कि रूसी और ईरानी ड्रोन्स जिस प्रकार यूरोप में चौबीसों घंटे आतंक फैला रहे हैं, वह सिर्फ यूक्रेन की समस्या नहीं है। रूस दरअसल यूक्रेनी शहरों को एक ‘टेस्टिंग ग्राउंड’ की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि वह भविष्य में अन्य देशों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली अपनी हमलावर रणनीतियों को और अधिक घातक और सटीक बना सके।
अपनी बात को विराम देते हुए जेलेंस्की ने यूक्रेन की मुख्य सुरक्षा मांगों को एक बार फिर से दोहराया और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से रक्षा समर्थन में तत्काल वृद्धि करने की भावुक अपील की।उन्होंने कहा कि हर सहयोगी देश भली-भांति जानता है कि इस नाजुक मोड़ पर क्या आवश्यक है; यूक्रेन की रक्षा के लिए उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति, रूस को आर्थिक रूप से पंगु बनाने के लिए उस पर कड़े प्रतिबंध और रक्षा उत्पादन क्षमता में भारी इजाफा वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
इसके साथ ही, जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और ऑपरेटरों को भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि रूस के हवाई क्षेत्र तेजी से असुरक्षित होते जा रहे हैं।यूक्रेन अपनी आत्मरक्षा के बुनियादी अधिकार का प्रयोग करते हुए रूसी सैन्य ठिकानों पर लगातार जवाबी हमले करता रहेगा, इसलिए रूस के आसमान का इस्तेमाल करना अब सुरक्षित नहीं है।



