शनिवार , जुलाई 21 2018

येदियुरप्पा को धूल चटाने के लिए राहुल ने उठाया बड़ा कदम, ऐसे देंगे पक्की मात

नई दिल्ली। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद चुनावी नतीजों आने पर भी यहां मचा घामासान अभी भी जारी है। बीएस येदियुरप्पा सत्ता पर काबिज हो चुके हैं, फिर भी कुर्सी जाने का डर बना हुआ है। एक बार फिर भाजपा-कांग्रेस के बीच दबाव बढ़ता जा रहा है। कारण है कोर्ट की और से शनिवार शाम चार बाजे तक दिया गया बहुमत सिद्ध करने का अल्टीमेटम।

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येदियुरप्पा सत्ता

इस ऐलान ने दोनों ही दिग्गज पार्टियों के कान खड़े कर दिए हैं। जहां भाजपा को अपनी जीत मुकम्मल बनाए रखने के लिए आठ सीटों की दावेदारी अपने पक्ष में करनी है। अभी उनके हत्थे महज 104 सीटें हैं।

वहीं कांग्रेस के पास 78 सीटें हैं और जेडीएस के समर्थन से उनके पाले में 37 सीटें और जुड़ रही हैं। याने कुल मिलाकर कांग्रेस के हाथ में 115 सीटें हैं, जो उन्हें सत्ता पर काबिज होने का प्रबल दावेदार बनाती हैं।

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ऐसे में शक्ति प्रदर्शन में भाजपा की जीत तभी संभव है, जब वे कांग्रेस या जीडीस के पाले में सेंधमारी करने में कामयाब हो पायें।

यानी कांग्रेस-जेडीएस के विधायक अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा से जा मिलें। मौजूदा स्थितियों को देखते हुए इस बात के भी आसार प्रबल होते दिखाई दे रहे हैं कि संभव है, ऐसा हो जाए।

इस बात का इशारा नतीजे आने के बाद ही मिलने लगा था, जिसमें कांग्रेस ने भाजपा पर उनके पाले में सेंधमारी के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था।

वहीं भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी को सेंधमारी की जरूरत नहीं, वे (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

ऐसे में ये सवाल खड़ा होता है कि बिना विपक्षी विधायकों को अपनी पाले में खींचे भाजपा शक्ति प्रदर्शन में अपनी प्रबल दावेदारी कैसे पेश कर पाएगी। हालांकि जो भी होगा शनिवार शाम तक साफ़ हो ही जाएगा।

दूसरी और कांग्रेस भी अपनी दावेदारी को मजबूत ढंग से पेश करने के सभी पुख्ता इंतजाम करने में जुटी हुई है।

कांग्रेस को इस बात का डर है कि ऐन वक्त पर कहीं उनके पाले के विधायक दगा न कर जाएं। इसके लिए उन्होंने विधायकों को खुफिया जगह पर छुपाने यानी नज़रबंद करने का पूरा बंदोबस्त किया है।

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खबरों के मुताबिक़ अपने विधायकों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने और भाजपा की पहुंच से दूर करने के लिए ‘शर्मा ट्रैवेल सर्विसेज’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बीएस येदियुरप्पा के बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस सभी विधायकों को चार्टेड प्लेन के लिए लेफ्ट शासित केरल के कोचीन ले जाने के प्लान में हैं। शर्मा ट्रेवल्स की लग्जरी बसों में बिठाकर इन विधायकों को रवाना किया गया है।

बताया जा रहा है कि इन विधायकों को आख़िरी बार कुरनूल में देखा गया। कुरनूल हैदराबाद के रास्ते में पड़ता है।

यह भी खबर है कि कांग्रेस ने विधायकों को इधर-उधर करने के लिए इसी ट्रैवेल एजेंसी को इसलिए चुना क्योंकि इस ट्रैवेल एजेंसी के मालिक उनके पुराने वफादार रहे हैं।

बता दें ‘शर्मा ट्रेवेल सर्विसेज’ स्वर्गीय धनराज पारसमल की है। उनकी मौत के बाद अब इसे उनके बेटे सुनील कुमार शर्मा चलाते हैं।

बताया जाता है कि 1980 के दशक में धनराज कांग्रेस पार्टी का ही हिस्सा थे। इसके बाद वे रियल स्टेट के क्षेत्र में आगे बढ़े।

इतना ही नहीं धनराज 1998 में कांग्रेस की सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उस दौरान वर्तमान केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार ने करीब डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी थी।

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