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जानिए… क्या है चुनाव में पहली बार इस्तेमाल होने जा रहा VVPAT

VVPAT क्या हैनई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को निर्वाचन आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। साथ ही इस बार चुनावों में एवम वोटिंग मशीन (EVM) की जगह वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (VVPAT) मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन ज्यादातर लोगों को VVPAT के बारे में ज्यादा कुछ मालूम नहीं है, तो आइये इसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बाते जानते हैं।

VVPAT क्या है

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, पहली बार होगा VVPAT का इस्तेमाल

वीवीपीएट सबसे पहले 2013 में नागालैंड चुनाव के दौरान नजर आई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मशीन के लिए पैसे मुहैया कराने के आदेश दिए थे।

भारत में इस मशीन को बनाने का काम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड ने साल 2013 में ही पूरा कर लिया।

इसके बाद चुनाव आयोग ने जून 2014 में तय किया किया अगले चुनाव यानी साल 2019 के चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

आयोग ने इसके लिए केंद्र सरकार से 3174 करोड़ रुपए की मांग की थी। लेकिन केंद्र सरकार ने आजतक इस काम के लिए कोई भी जरूरी पैसा नहीं दिया।

VVPAT कैसे करती है काम

व्यवस्था के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद काग़ज़ की एक पर्ची बनती है। इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। यह व्यवस्था इसलिए है कि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ पर्ची का मिलान किया जा सके।

गौरतलब है कि बीईएल ने साल 2016 में 33,500 वीवीरपैट मशीन बनाईं थी, जिनका इस्तेमाल 2017 में हुए गोवा चुनाव के दौरान किया गया था। इसके अलावा बीते दिनों पाच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी चुनाव आयोग ने 52,000 वीवीपैट का इस्तेमाल किया था।

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