आज की पीढ़ी भी ‘डाकू ददुआ’ को मानती है भगवान

रिपोर्ट- रामचंद्र सैनी 

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश का ऐसा मंदिर जहाँ भगवान् के साथ साथ मंदिर में स्थापित डकैत की भी पूजा की जा जाती है ,यह मंदिर फतेहपुर जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर पर बना है। जहाँ चित्रकूट के बीहड़ों में रहकर यूपी और एमपी पुलिस के लिए आतंक का प्रयाय बना दस्यु सम्राट ददुआ द्वारा स्थापित मंदिर में पंचमुखी हनुमान जी के साथ साथ मंदिर प्रांगण में लगे ददुआ की भी पूजा अर्चना लोग करते हैं।

ददुआ

आपको बताते चले की सन 1992 में ददुआ को यूपी-एमपी पुलिस ने चारो तरफ से घेर लिया था तभी ददुआ जिले के धाता थाना क्षेत्र के कबरहा गाँव में बने छोटे से हनुमान मंदिर में आकर छुप गया था और यहीं पर पुलिस से बच से निकल जाने पर भव्य मंदिर बनाने का संकल्प लिया था जिसके बाद पुलिस को चकमा देकर बचकर निकलने के बाद 1996 में इस मंदिर की स्थापना की गई थी।

इस मंदिर में शिव कुमार उर्फ़ ददुआ, पत्नी सिया देवी, पिता राम प्यारे सिंह लम्बरदार, माँ कृष्णा देवी की प्रतिमा लगाई गयी है , आने जाने वाले यात्रियों का कहना है की मंदिर तो बहुत देखे हैं लेकिन ददुआ द्वारा बनवाये गए पंचमुखी हनुमान मंदिर की भव्यता के साथ मंदिर में ददुआ की मूर्ति लगी है जिसे हमलोग देखने आते हैं क्यूंकि हम लोगों ने कभी ददुआ को नहीं देखा था हमलोगों ने सुना था।

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ददुआ गरीबों की मदद करते थे इसलिए क्षेत्र के लोग उन्हें मसीहा मानते हैं ओर इसलिए उनकी मूर्ति के नमन करते हैं , वहीँ क्षेत्र में रहने वाले लोगों की माने तो ददुआ इस क्षेत्र के मसीहा थे क्योकि वह हमेशा गरीबों की मदद के साथ साथ गरीब लड़कियों के शादी के लिए मदद किया करते थे इसके साथ साथ गरीबों के ऊपर अन्याय होते नहीं देखते थे सबसे बड़ी बात यह है की उनके समय में पुलिस प्रशासन की जरुरत नहीं पड़ती थी वह खुद पंचायत बुलाकर मामले का

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