
सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आज़म खान की उस याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया है, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। आज़म खान ने आरोप लगाया है कि एजेंसी ने उन्हें 29 अक्टूबर को जेल से रिहा होने के महज 40 मिनट बाद गिरफ्तार कर लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से इस मामले की सुनवाई 16 नवंबर को करने को कहा है। आज़म खान ने ईडी की गिरफ्तारी और 1 नवंबर को विशेष अदालत द्वारा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश को चुनौती दी है। उन्होंने जेल से रिहाई के रूप में अंतरिम राहत की भी मांग की है।
हाई कोर्ट आज़म खान की याचिका पर 16 नवंबर को सुनवाई करेगा
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने गुरुवार को यह आदेश पारित किया। इसने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को 16 नवंबर को एक खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि मामले से संबंधित दस्तावेज दो दिनों के भीतर उच्च न्यायालय को भेजे जाएं। पीठ ने कहा कि वह मामले की खूबियों पर कोई राय व्यक्त नहीं करना चाहती। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि दलीलों में कुछ दम हो सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले को उच्च न्यायालय के विचार के लिए छोड़ देगा।



