
हिंडन एयर बेस से सामने आए वीडियो में भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के साथ एकीकृत दिखाया गया है। Su-30 एमकेआई-ब्रह्मोस का यह संयोजन भारतीय वायु सेना की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता का एक महत्वपूर्ण घटक है। ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस Su-30 MKI को 94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर प्रदर्शित किया जा रहा है, जो भारतीय वायुसेना की परिचालन तत्परता और मारक क्षमता को दर्शाता है।
Su-30 MKI द्वारा ले जाई जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 400 किलोमीटर है, जो विमान को लंबी दूरी तक सटीक हमला करने का विकल्प प्रदान करती है। Su-30 MKI-ब्रह्मोस संयोजन का उपयोग ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किया गया था, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान में लक्ष्यों पर हमले किए थे। हिंडन वायु सेना अड्डे पर प्रदर्शित विमानों में स्कैल्प, मीका और मेटियोर मिसाइलों से लैस राफेल लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। स्वदेशी रक्षा प्रणालियों में आकाश सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, एलसीएच प्रचंड, तेजस लड़ाकू विमान और रोहिणी रडार भी शामिल हैं।


