
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेवर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नीमका गांव में अपने ही खेत में सो रहे एक 50 वर्षीय किसान की बड़ी बेरहमी से फावड़े से गला काटकर हत्या कर दी गई।
इस पूरी वारदात में सबसे ज्यादा चौंकाने और हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या की यह खौफनाक घटना जिस जगह पर अंजाम दी गई, वह स्थानीय पुलिस चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित है। पुलिस की मौजूदगी के इतने करीब हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बताया जा रहा है कि रविवार की देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच अज्ञात हमलावरों ने सोते हुए किसान पर जानलेवा हमला किया और फावड़े से वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
मृतक किसान की पहचान नीमका गांव के रहने वाले भोले शंकर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, भोले शंकर का वह खेत जेवर-खुर्जा मुख्य मार्ग पर नीमका पुलिस चौकी के ठीक सामने स्थित है, जहां यह घटना हुई। भोले शंकर इन दिनों अपने खेत में कृषि कार्य के साथ-साथ बिल्डिंग मटेरियल का नया व्यवसाय शुरू करने की तैयारियों में जुटे हुए थे।
इसी सिलसिले में उन्होंने अपने खेत में धर्मकांटा (तोल कांटा) और अन्य जरूरी सामान लगवाना भी शुरू कर दिया था। परिवार वालों के मुताबिक, रविवार की रात लगभग साढ़े दस बजे तक भोले शंकर अपने बेटे के साथ खेत पर ही मौजूद थे और अपने इसी नए काम को लेकर चर्चा कर रहे थे। बातचीत खत्म होने के बाद उनका बेटा वापस गांव स्थित अपने घर लौट गया और भोले शंकर खेत की रखवाली के लिए वहीं सो गए। बेटे के जाने के बाद ही रात के अंधेरे में किसी ने इस क्रूर हत्याकांड को अंजाम दिया।
सोमवार की सुबह जब परिवार के लोग रोजमर्रा की तरह खेत पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। भोले शंकर का खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़ा था। यह वीभत्स दृश्य देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के रोने की आवाजें सुनकर और घटना की भनक लगते ही पूरे गांव के लोग भारी संख्या में घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
पुलिस चौकी के ठीक सामने इतनी बड़ी वारदात हो जाने के कारण ग्रामीणों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश और गुस्सा भर गया। हत्या की सूचना पाकर जब स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर जांच और शव को कब्जे में लेने के लिए पहुंची, तो गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें शव उठाने से रोक दिया।
लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराने और अज्ञात कातिलों की तलाश के लिए गहन जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।




