
देहरादून: कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) से एक दिन पूर्व शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित चिड़बाग के ‘शौर्य स्थल’ पर आयोजित ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ (Run for Kargil Heroes) मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और युवा पीढ़ी से उनके अप्रतिम बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मैराथन की शुरुआत से पहले सीएम धामी ने शौर्य स्थल पर स्थित युद्ध स्मारक (War Memorial) पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया और इसके बाद वे स्वयं भी सैकड़ों प्रतिभागियों के साथ दौड़ में शामिल हुए।
कारगिल वीरों के अदम्य साहस को सलाम
कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1999 के ‘ऑपरेशन विजय’ के ऐतिहासिक क्षणों और भारतीय सेना के अदम्य साहस को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भारत ने टेबल (कूटनीति) और युद्ध क्षेत्र दोनों जगह ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। हमारे बहादुर जवानों ने बेहद विषम परिस्थितियों में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर भारत की सामरिक चोटियों पर पुनः तिरंगा फहराया था। सीएम धामी ने कहा कि देश का नाम रोशन करने वाले ये वीर सपूत हमेशा हमारी स्मृतियों में अमर रहेंगे और आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान से देश सेवा की प्रेरणा लेती रहेंगी।
युवाओं और रोजगार के लिए केंद्र सरकार के प्रयास
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लगातार देश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश में लगभग 17 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं और 12 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। सीएम धामी ने कहा कि पीएम मोदी के ये कदम देश के युवाओं को अधिक मजबूत और आत्मविश्वासी बना रहे हैं।
‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन का आयोजन कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में राज्यस्तरीय कार्यक्रमों के तहत किया गया, जिसमें आम नागरिकों, एथलीटों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, समर्पण और विरासत के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।




