
महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने मुंबई के माहिम इलाके में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने के संदेह में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एटीएस की कालाचौकी इकाई ने सूचना मिलने पर माहिम मेट्रो स्टेशन के पास मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को पकड़ा। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर रैपिडो राइडर और परफ्यूम विक्रेता के रूप में अपने काम का इस्तेमाल ऑनलाइन कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा देने के लिए किया। जांचकर्ताओं ने उससे जुड़े कई सोशल मीडिया कमेंट्स पर भी ध्यान दिलाया है, जिनमें जिहाद का आह्वान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में टिप्पणियां और मुसलमानों को हथियार रखने की वकालत करने वाली टिप्पणियां शामिल हैं।
महाराष्ट्र एटीएस का आरोप क्या है?
एटीएस का आरोप है कि अख्तर ने सांप्रदायिक द्वेष फैलाने और राष्ट्र-विरोधी भावनाएं भड़काने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया खातों का इस्तेमाल किया। जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर उसके मोबाइल फोन से राष्ट्र-विरोधी सामग्री बरामद की है। जांच में मिले विवरण के अनुसार, आरोपी से जुड़े एक खाते से की गई टिप्पणियों में “अब जिहाद का ज़माना आ गया है” और “हर मुसलमान को भी हथियार रखना चाहिए उठाना चाहिए” शामिल थे। जांच में उद्धृत सामग्री के अनुसार, ये टिप्पणियां धार्मिक विवादों और हथियार प्रशिक्षण की खबरों से संबंधित सोशल मीडिया सामग्री के जवाब में पोस्ट की गई थीं।
टेलीग्राम गतिविधि की जांच चल रही है
एटीएस की जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कथित तौर पर एक टेलीग्राम ग्रुप चलाता था। एजेंसी के अनुसार, उसने 1 जून, 2026 को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के ऑडियो भाषण ग्रुप में अपलोड किए थे। इन भाषणों में कथित तौर पर बाबरी मस्जिद सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई थी। एटीएस ने आगे आरोप लगाया कि अख्तर पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी टेलीग्राम चैनल ‘इब्न-ए-कासिम’ का सक्रिय सदस्य था। एजेंसी उसकी कथित ऑनलाइन गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन से उसके संबंधों की जांच कर रही है।



