
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र तीसरे दिन भी तनावपूर्ण रहा। समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने साफ कहा कि जब तक मंदिरों और धार्मिक स्थलों से हो रही ‘दान चोरी’ की घटनाओं पर सदन में गंभीर चर्चा नहीं होती, तब तक विपक्ष का विरोध और धरना जारी रहेगा।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। सपा के कई विधायक वेल में उतर आए और नारेबाजी की, जिसके चलते अध्यक्ष सतीश महाना को कार्यवाही दोपहर 12:20 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के बीच अनुपूरक बजट
मंगलवार को जबरदस्त शोर-शराबे के बीच वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए 1990 के अयोध्या कारसेवा का जिक्र किया, जिससे माहौल और गरमा गया।
ओपी राजभर का हमला
मंत्री और एसबीएसपी अध्यक्ष ओपी राजभर ने सपा पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर चर्चा से भाग रहे हैं। उन्होंने सपा के पिछले कार्यकाल (2012-2017) में पेपर लीक और नकल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
स्पीकर की प्रतिक्रिया
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने ऐसे बयान दिए हैं जो हिंदू समाज को बदनाम करने वाले हैं। महाना ने कहा कि जिन लोगों का भगवान राम से कोई लेना-देना नहीं, वे उनसे सबूत कैसे मांग सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सदन को संबोधित करने के दौरान भी विपक्ष ने शोर मचाया, लेकिन सरकार ने अनुपूरक बजट की प्रक्रिया पूरी कर ली।



