
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मॉडल के अनुसार, दक्षिण भारत में मजबूत ऊपरी हवाएं 5-6 जून के बाद ही स्थापित होंगी। इसका मतलब है कि केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत कमजोर या सामान्य रहेगी, जो धीरे-धीरे मजबूत होगी।
IMD ने पहले केरल में मानसून के आगमन की तारीख 26 मई बताई थी, जिसे बाद में 2-4 जून कर दिया गया था। अब यह तारीख एक बार फिर टलने की संभावना है।
वर्तमान में केरल में प्री-मानसून बारिश हो रही है और बादल छाए हुए हैं, लेकिन अरब सागर के ऊपर पछुआ हवाएं अभी कमजोर हैं। IMD के मुताबिक, 1 जून से हवाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
इस सीजन का पूर्वानुमान
IMD ने पूरे देश में इस मानसून सीजन में औसत से कम (90% LPA) बारिश का अनुमान लगाया है। एल नीनो के असर के चलते यह चिंता का विषय बना हुआ है।
उत्तर और मध्य भारत में अभी भी भीषण गर्मी पड़ रही है, ऐसे में किसानों के लिए समय पर अच्छी बारिश बेहद जरूरी है।



